नई दिल्ली: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय थल सेना के अगले प्रमुख होंगे। केंद्र सरकार ने शनिवार को इस बारे में घोषणा की। वर्तमान में वे सेना के उप प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ इस तरह अब जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। जनरल द्विवेदी ने जून 2024 में भारतीय सेना के 30वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा हो रहा है।
करीब चार दशक का सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला से स्नातक होने के बाद आर्मर्ड कॉर्प्स में कमीशन हुए थे। करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, कमांड और रणनीतिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह भारतीय सेना के सबसे वरिष्ठ आर्मर्ड कॉर्प्स अधिकारियों में गिने जाते हैं। दिलचस्प ये भी है कि वे 1997 में सेवानिवृत्त हुए जनरल शंकर रॉय चौधरी के बाद आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी होंगे।
फोर्स के आधुनिकीकरण में अपने योगदान के लिए पहचाने जाने वाले इस जनरल ऑफिसर ने आर्मी हेडक्वार्टर के रणनीतिक योजना और क्षमता विकास विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। एक कुशल मिलिट्री प्रोफेशनल के तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्रेनिंग कोर्स में टॉप स्थान हासिल किया है। वे हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज के ग्रेजुएट हैं और उन्होंने पेरिस में प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स भी किया है, जो उनके व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण और समकालीन मिलिट्री मामलों की समझ को दर्शाता है।
साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड की कमान संभाली
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। उन्हें दो ऑपरेशनल आर्मी कमांड की कमान संभालने और ढाई साल से ज्यादा समय तक महत्वपूर्ण थिएटरों में रणनीतिक देखरेख करने का दुर्लभ सम्मान मिला है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर काम किया है, जिनका ऑपरेशनल प्लानिंग, फोर्स मैनेजमेंट और क्षमता विकास पर काफी असर पड़ा है।
इसके अलावा उन्होंने भोपाल स्थित 21 कोर, जिसे ‘सुदर्शन चक्र कोर’ के नाम से जाना जाता है, की भी कमान संभाली है। यह भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण आक्रामक फॉर्मेशन मानी जाती है। इसके अलावा दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में उन्होंने वर्ष 2023 की गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व भी किया था।
सेना के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की रूपरेखा तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उन्होंने स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और कैपेबिलिटी डेवलपमेंट (क्षमता विकास) से जुड़े प्रमुख पदों पर काम किया, जहां रक्षा खरीद, दीर्घकालिक योजना और सैन्य क्षमताओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। दक्षिणी कमान के प्रमुख रहते हुए उनके कार्यकाल में ‘शौर्य स्क्वाड्रन’ के तहत आर्मर्ड यूनिट्स में ड्रोन तकनीक के एकीकरण का प्रदर्शन भी किया गया था। ऑपरेशनल जरूरतों को नई तकनीकों और भविष्य के युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने में उनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है।
सैन्य परिवार से है संबंध
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बाद में उन्होंने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दीं। दिलचस्प बात यह है कि पिता और पुत्र दोनों ने ही सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली है। उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ वर्तमान में करवार में तैनात हैं।

