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कोलकाता गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या 15 हुई, रेस्क्यू अब भी जारी, 5 गिरफ्तारियों के बाद क्या बातें सामने आईं?

आशंका जताई जा रही है कि अभी भी काफी लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतिम व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

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Kolkata warehouse collapse
Kolkata warehouse collapse। IANS

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना ने दर्जनों परिवारों की जिंदगी बदल दी। हादसे के 24 घंटे से अधिक समय बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। शुक्रवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई, जबकि मलबे से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन को आशंका है कि अभी भी कुछ मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, इसलिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।

राज्य सरकार ने मृतकों की सूची जारी कर दी है। इनमें कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17), घी कुमार (17), हसन इमाम (44), गणेश कलंदी (45), नवीन सिंह (44) और स्वपन मंडल (56) समेत अन्य लोगों की पहचान की गई है। घायलों का इलाज कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में चल रहा है।

कैसे हुआ हादसा?

अधिकारियों के मुताबिक, तारातला क्षेत्र में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार दोपहर जब यह हादसा हुआ, मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। अचानक गोदाम की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। भारी लोहे के गर्डर और कंक्रीट स्लैब मजदूरों पर आ गिरे। देखते ही देखते पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों के साथ-साथ मैनुअल रेस्क्यू भी जारी है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी काफी लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतिम व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

जांच के घेरे में निर्माण प्रक्रिया, 5 गिरफ्तार

हादसे के बाद अब जांच का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। शुरुआती जांच में निर्माण अनुमति, गुणवत्ता, निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें परियोजना सुपरवाइजर, आयरन स्ट्रक्चर फैब्रिकेटर, जमीन का लीजधारक, मजदूर सप्लायर और कथित तौर पर नागरिक निकाय से मंजूरी दिलाने में भूमिका निभाने वाला एक बिचौलिया शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलजार हुसैन, कमल सामंतो, शंभूनाथ बेहरा, दिवाकर भंडारी और अब्दुल हमीद के रूप में हुई है।

ठेकेदार के राजनीतिक संबंधों पर भी चर्चा

इसी बीच इंडिया टुडे ने कुछ तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिनमें हादसे में मारे गए ठेकेदार असगर हुसैन पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्री और पूर्व कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों की पहले से पहचान और संपर्क था। यह खुलासा ऐसे समय सामने आया है, जब निर्माण परियोजना की स्वीकृतियों और निगरानी में संभावित अनियमितताओं की जांच चल रही है।

हालांकि, इन तस्वीरों या कथित संबंधों को लेकर फिरहाद हकीम या तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन तस्वीरों का निर्माण परियोजना से कोई प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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