पटना में चर्चित फैजल खान (खान सर ) और ज्ञान बिंदु कोचिंग विवाद में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस की जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्डों के हथियारों और उनके लाइसेंस को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच के आधार पर तैयार की गई अपडेटेड केस डायरी में ऐसे बिंदु जोड़े गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में खान सर और उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मामले में 30 जून को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है, जबकि 13 जुलाई को पटना हाईकोर्ट खान सर की ओर से एफआईआर रद्द (FIR Quashing) करने की याचिका पर सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी तलब किया है।
बॉडीगार्ड के हथियार पर उठा बड़ा सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस हथियार से कथित तौर पर फायरिंग की गई थी, वह उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी तालेबर सिंह (34) के नाम पर लाइसेंसशुदा है। हालांकि जांच में पता चला कि उसके हथियार का लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था। ऐसे में बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करना और उसी हथियार के साथ नौकरी करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति, स्थानीय प्रशासन को सूचना और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। पुलिस का मानना है कि यह मामला आर्म्स एक्ट के तहत जांच का विषय बनता है।
दूसरे गार्ड के लाइसेंस पर भी सवाल
दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से जारी हुआ था। जांच में सामने आया कि उसके पास ऑल इंडिया परमिट जरूर था, लेकिन यह लाइसेंस उसके पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के आधार पर जारी किया गया था।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस लाइसेंस का इस्तेमाल निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से व्यावसायिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए किया गया, जो लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप नहीं माना जा रहा। इस बिंदु को भी पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है।
खान सर की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि खान सर ने तालेबर सिंह को बॉडीगार्ड के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन उनका अलग से पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सुरक्षा कर्मियों के हथियारों और उनकी वैधता की पर्याप्त जांच की गई थी या नहीं।
हालांकि, इन आरोपों पर अभी खान सर की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और इन तथ्यों की पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और आगे की जांच के दौरान होगी।
फायरिंग विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
यह विवाद 2 जून की रात पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुए हंगामे के बाद शुरू हुआ था। उस रात 15 से 20 लोगों ने कथित तौर पर कोचिंग सेंटर पर पथराव और तोड़फोड़ की। शुरुआती बयान में खान सर ने दावा किया था कि उनके गार्ड्स ने 8 से 10 राउंड फायरिंग कर हमलावरों को खदेड़ा।
अगले दिन पुलिस ने शुरुआती जांच में केवल पथराव और मारपीट की पुष्टि की थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खान सर ने अपने फायरिंग वाले बयान से दूरी बना ली। इसी दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें खान सर के गार्ड को गोली चलाते हुए दिखाने का दावा किया गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने फायरिंग करने की बात स्वीकार की थी। बाद में खान सर ने सफाई दी कि पुलिस देर से पहुंची थी, इसलिए आत्मरक्षा में उनके गार्ड्स ने फायरिंग की।

