Home भारत केरल हिजाब विवाद: छात्रा ने जॉइन किया नया स्कूल, क्या था पूरा...

केरल हिजाब विवाद: छात्रा ने जॉइन किया नया स्कूल, क्या था पूरा मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब कथित तौर पर स्कूल अधिकारियों ने छात्रा को हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनकर कक्षा में प्रवेश करने से मना कर दिया था।

0
kerala hijab row
IANS

कोच्चि के पल्लुरुथी इलाके में एक चर्च द्वारा संचालित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब समाप्त हो गया है। जिस कक्षा 8 की छात्रा को हिजाब पहनकर कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, उसने बुधवार (29 अक्टूबर 2025) को नया स्कूल जॉइन कर लिया। छात्रा अब डॉन पब्लिक स्कूल, पलुरुथी (सीबीएसई से संबद्ध) में पढ़ाई कर रही है।

छात्रा के पिता पीएम अनस ने बताया कि “आज से मेरी बेटी ने नए स्कूल में क्लास अटेंड करना शुरू कर दिया है। मेरे छोटे बेटे, जो कक्षा 5 में पढ़ते हैं, ने भी सेंट रीटा से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेकर इस स्कूल में दाखिला ले लिया है।”

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “अब मेरी बेटी ऐसे स्कूल में पढ़ेगी जहां सिर पर रखे छोटे कपड़े (हिजाब) से किसी को डर नहीं लगेगा। वह अब सिर ऊंचा करके पढ़ाई कर सकेगी।” अनस ने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने विवाद के दौरान उनका साथ दिया।

क्या है मामला?

विवाद तब शुरू हुआ जब चर्च संचालित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल ने स्कूल यूनिफॉर्म नीति का हवाला देते हुए छात्रा को हिजाब पहनकर कक्षा में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर हेलेना एल्बी ने कहा था कि अगर माता-पिता स्कूल के नियमों को मान लें तो वे छात्रा का स्वागत करेंगे।

इसके बाद यह मामला शिक्षा उपनिदेशक (डीडीई) के आदेश पर हाईकोर्ट पहुंचा। डीडीई ने स्कूल को निर्देश दिया था कि छात्रा को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए। स्कूल ने इस आदेश को चुनौती दी थी।

अदालत ने क्या कहा?

गौरतलब है कि 24 अक्टूबर को केरल हाईकोर्ट ने इस याचिका को बंद कर दिया था, जब छात्रा के वकील ने अदालत को सूचित किया कि परिवार ने स्कूल छोड़ने का निर्णय ले लिया है। जस्टिस वीजी अरुण ने अपने आदेश में लिखा कि “यह एक स्वागत योग्य निर्णय है। बेहतर समझदारी प्रबल हुई है और ‘भाईचारा’, जो हमारे संविधान की बुनियादी भावना है, मजबूत बना हुआ है।”

प्रिंसिपल हेलेना एल्बी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “हमारी बात साबित हुई है। हम न्याय की उम्मीद कर रहे थे और अब यह मामला सौहार्दपूर्वक समाप्त हो गया है।”

स्कूल प्रबंधन ने क्या कहा?

स्कूल प्रबंधन ने कहा कि छात्रा के माता-पिता ने एडमिशन के समय यूनिफॉर्म नीति का पालन करने का लिखित वादा किया था, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में छात्रा तीन बार हिजाब पहनकर आई। 10 अक्टूबर को जब कुछ स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया, तो स्कूल को दो दिन के लिए बंद करना पड़ा। इसके बाद अदालत ने स्कूल को सुरक्षा देने के आदेश दिए।

राज्य सरकार ने बाद में स्कूल को छात्रा को हिजाब पहनने की अनुमति देने का निर्देश दिया, जिस पर स्कूल ने आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि यह आदेश उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है क्योंकि स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश हो सकता है। एक विश्लेषक सुरेश कुमार पीसी. ने कहा, “यह विवाद एक 13 वर्षीय बच्ची को बहाने के रूप में इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ उठाने के लिए पैदा किया गया था।”

केरल की 3.3 करोड़ आबादी में लगभग 26% मुसलमान, 18% ईसाई और 54% हिंदू हैं। एक चर्च अधिकारी ने कहा, “यह विवाद सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से दो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के लिए किया गया था। अब जबकि मामला समाप्त हो गया है, इस पर और चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं।”

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version