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पुरुष की ‘सफलता’ में अकेली होती स्त्री का दर्द बयां करती कमलेश्वर की किताब ‘वही बात’

कमलेश्वर ने साहित्य के साथ-साथ पत्रकारिता और फिल्म लेखन में भी योगदान दिया है। उनकी किताब कितने पाकिस्तान ने खूब ख्याति हासिल की है।

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कमलेश्वर हिंदी साहित्य के जाने-माने लेखकों में से एक हैं। उनकी किताब ‘कितने पाकिस्तान’ ने खूब ख्याति हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता और फिल्म लेखन में भी लंबे अरसे तक काम किया है।

उनकी किताब ‘वही बात’ महत्वकांक्षी पति और पति के प्यार और समय की आकांक्षी पत्नी की कहानी को लिखा है। उनकी किताब पर बात की है जिसका वीडियो देख सकते हैं। यह किताब 1972 में आई थी, हालांकि कहानी का प्लॉट ऐसा है कि आज के समय में भी प्रासंगिक मानी जा सकती है।

Wahi Baat Book Review : सफलता की दौड़ में टूटते रिश्ते | कमलेश्वर की किताब ‘वही बात’
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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