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ईरान में पावर शिफ्ट? सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अटकलों के बीच IRGC का बढ़ रहा कंट्रोल

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई फिलहाल कहां हैं, इसे लेकर कई अटकलें हैं। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि IRGC का दबदबा लगातार बढ़ रहा है और वह अब ईरान में कई अहम निर्णयों को प्रभावित कर रहा है।

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Iran People on street (Photo- IANS)
फोटो- IANS

तेहरान: ईरान के शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने प्रमुख सरकारी तंत्रों और कामकाज पर नियंत्रण कर लिया है। इससे ऐसा लगता है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान पूरी तरह से ‘राजनीतिक गतिरोध में फंस’ गए हैं। ईरान इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार IRGC ने राष्ट्रपति की नियुक्तियों और फैसलों को रोक दिया है और सत्ता के केंद्र के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना लिया है। इससे युद्ध झेल रहे देश में नागरिक प्रशासन कार्यकारी अधिकार से पूरी तरह से अलग हो गया है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चल रहे युद्ध वाले दबाव के बीच सैन्य बल ने संवेदनशील शासन क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव स्थापित कर लिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले गुरुवार को पेजेश्कियन द्वारा नए ‘खुफिया मंत्री’ (Inteligence Minister) की नियुक्ति का प्रयास कथित तौर पर आईआरजीसी के प्रमुख कमांडर अहमद वाहिदी के हस्तक्षेप के बाद नाकाम रहा। वाहिदी ने हुसैन देहगान सहित सभी प्रस्तावित उम्मीदवारों को खारिज कर दिया।

सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि वाहिदी ने जोर दिया कि युद्धकालीन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएँ IRGC की निगरानी में रहनी चाहिए, जिससे राष्ट्रपति अपने पसंदीदा उम्मीदवार को नियुक्त नहीं कर सके। ईरान की जो राजनीतिक संरचना है, उसके तहत राष्ट्रपति सर्वोच्च नेता की मंजूरी प्राप्त करने के बाद खुफिया मंत्रियों को नामित करते हैं। इनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभागों पर अंतिम अधिकार होता है।

ईरान इंटरनेशनल ने रिपोर्ट में बताया कि मोजतबा खामेनेई तक पहुंच को लेकर अनिश्चितता ने निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को और भी जटिल बना दिया है।

राष्ट्रपति की मोजतबा खामेनेई से नहीं हो पार रही मीटिंग

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेजेश्कियन ने हाल के दिनों में मोजतबा खामेनेई से तत्काल मुलाकात करने के कई प्रयास किए हैं। हालांकि उनके तमाम अनुरोधों का कोई जवाब नहीं मिला है। मोजतबा खामेनेई पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे हैं।

28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में एक हवाई हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद मोजतबा को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, सर्वोच्च नेता बनाए जाने के बाद से अभी तक मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और उन्होंने केवल कुछ लिखित बयान जारी किए हैं।

मोजतबा के सामने नहीं आने से उनकी स्थिति और ठिकाने को लेकर कई तरह की अटकलें लग रही हैं। हालांकि, सरकारी टेलीविजन और कुछ ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे हवाई हमले में लगी चोटों से उबर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ आईआरजीसी अधिकारियों की एक परिषद ने बड़े निर्णय लेने की केंद्रीय संरचना पर नियंत्रण रखा हुआ है। वही सुप्रीम लीडर के कार्यालय तक पहुंच को नियंत्रित करती है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस व्यवस्था ने सरकार की महत्वपूर्ण जानकारियों को खामेनेई तक पहुंचने से रोक दिया है, जिससे देश से जुड़े कई अहम मामलों पर IRGC का प्रभाव और भी मजबूत हो गया है।

ईरान की सत्ता में अंदरूनी खींचतान भी?

रिपोर्ट में खामेनेई के करीबी लोगों के बीच आंतरिक तनावों की भी बात कही गई है। इसमें कुछ सहयोगियों द्वारा अली असगर हेजाजी को हटाने के प्रयास शामिल हैं। हेजाजी एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी हैं जिन्होंने मोजतबा खामेनेई को बतौर सुप्रीम लीडर बनाने का विरोध किया है।

हेजाजी ने कथित तौर पर एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट के सदस्यों को चेतावनी दी थी कि वंशानुगत उत्तराधिकार सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा स्थापित वैचारिक ढांचे के उलट होगा। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, इससे पहले इजराइली मीडिया ने बताया था कि युद्ध के पहले सप्ताह के दौरान तेहरान में एक हवाई हमले में हेजाजी को निशाना बनाया गया था, हालांकि बाद में आई खबरों से पता चला कि वे बच गए थे।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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