नई दिल्ली। ट्रेन टिकट बुक कराने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने आईआरसीटीसी (IRCTC) की नई वेबसाइट लॉन्च कर दी है। नई वेबसाइट का उद्देश्य टिकट बुकिंग को पहले से ज्यादा तेज, आसान और भरोसेमंद बनाना है। खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट के धीमे पड़ने, पेमेंट फेल होने और बार-बार कैप्चा आने जैसी समस्याओं को कम करने पर जोर दिया गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने राजस्थान के एक कार्यक्रम में नई वेबसाइट लॉन्च करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने आईआरसीटीसी की मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुक करने में आने वाली दिक्कतों की शिकायत की थी। इसके बाद वेबसाइट को पूरी तरह अपग्रेड करने का फैसला लिया गया।
सिर्फ नया डिजाइन नहीं, पूरा सिस्टम बदला
रेलवे का कहना है कि यह केवल वेबसाइट का नया लुक नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले पूरे सिस्टम (बैकएंड) को भी मजबूत बनाया गया है। मौजूदा वेबसाइट Tatkal बुकिंग के समय भारी ट्रैफिक की वजह से अक्सर धीमी पड़ जाती है। लाखों लोग एक ही मिनट में टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं, जिससे कई बार पेज खुलने में देरी होती है, पेमेंट अटक जाता है या टिकट कन्फर्म होने से पहले ही सीटें खत्म हो जाती हैं।
नई वेबसाइट को ऐसे हालात से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
अब एक मिनट में 1.5 लाख टिकट बुक करने की क्षमता
नई आईआरसीटीसी वेबसाइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी क्षमता है। पहले सिस्टम एक मिनट में लगभग 32 हजार टिकट ही बुक कर पाता था। अब इसे बढ़ाकर 1.5 लाख से अधिक टिकट प्रति मिनट तक कर दिया गया है। यानी पहले के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक क्षमता।
इसके साथ ही पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी पीआरएस को भी अपग्रेड किया गया है। पहले यह प्रति मिनट करीब 4 लाख पूछताछ (Enquiries) संभाल सकता था, जबकि अब इसकी क्षमता 40 लाख से अधिक पूछताछ प्रति मिनट कर दी गई है। इसका मतलब है कि अधिक ट्रैफिक होने पर भी वेबसाइट के क्रैश होने या धीमी पड़ने की संभावना काफी कम होगी।
यात्रियों को क्या-क्या नए फीचर मिलेंगे?
1. पसंद की सीट चुनने का विकल्प: अब टिकट बुक करते समय यात्री अपनी पसंद की सीट या बर्थ का विकल्प चुन सकेंगे। पहले सीट सिस्टम अपने आप आवंटित करता था।
2. Fare Calendar: नई वेबसाइट में Fare Calendar नाम का फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए यात्री एक ही स्क्रीन पर अलग-अलग तारीखों का किराया देख सकेंगे। इससे बार-बार अलग-अलग तारीख चुनकर सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और कम किराए वाली तारीख चुनना आसान होगा।
3. सभी क्लास की सीटें एक साथ दिखेंगी: अभी यात्रियों को स्लीपर, 3एसी, 2एसी और अन्य श्रेणियों की उपलब्धता अलग-अलग देखकर तुलना करनी पड़ती है। नई वेबसाइट में सभी श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई जाएगी।
4. कई भारतीय भाषाओं में सुविधा: नई वेबसाइट केवल हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें कई भारतीय भाषाओं का भी समर्थन होगा, जिससे अलग-अलग राज्यों के यात्रियों के लिए टिकट बुक करना आसान होगा।
5. दिव्यांग, छात्र और मरीजों के लिए आसान प्रक्रिया: दिव्यांग यात्रियों, छात्रों और मरीजों को मिलने वाली रियायतों से जुड़ी सुविधाओं को भी एकीकृत किया गया है। अब इन श्रेणियों के यात्रियों को अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम पड़ेगी।
6. कम होंगे Pop-up और CAPTCHA: Tatkal टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाले Pop-up और CAPTCHA यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायतों में शामिल रहे हैं। नई वेबसाइट में इन्हें काफी हद तक कम किया गया है, ताकि टिकट बुकिंग के दौरान अनावश्यक रुकावट न आए।
7. तेज पेज और आसान इंटरफेस: नई वेबसाइट का इंटरफेस पहले के मुकाबले अधिक साफ और सरल बनाया गया है। पेज तेजी से खुलेंगे और टिकट बुक करने के लिए कम चरणों (स्टेप्स) से गुजरना होगा।
रेलवे क्यों कर रहा है यह बदलाव?
रेलवे का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर तत्काल बुकिंग शुरू होते ही कुछ सेकंड में लाखों लोग वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। पुराना सिस्टम इस दबाव को संभालने में कई बार असफल हो जाता था। नई वेबसाइट को इसी समस्या का स्थायी समाधान बनाने की कोशिश की गई है।
नई वेबसाइट रेलवे के बड़े डिजिटल सुधार अभियान का हिस्सा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में रेलवे में 52 सुधारों की घोषणा की है। इनमें रेलवे परियोजनाओं के नियमों में बदलाव, माल ढुलाई व्यवस्था को आधुनिक बनाना, कंटेनर आधारित परिवहन को बढ़ावा देना, रेलवे कर्मचारियों के लिए कौशल प्रमाणन (स्किल सर्टिफिकेशन) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने जैसे कदम शामिल हैं।
रेलवे का मानना है कि नई आईआरसीटीसी वेबसाइट यात्रियों को सीधे दिखने वाला बदलाव है, जबकि इसके साथ-साथ रेलवे के डिजिटल और तकनीकी ढांचे को भी बड़े स्तर पर आधुनिक बनाया जा रहा है।

