तेहरान: ईरान ने सोमवार (20 अप्रैल) को जोर देकर कहा कि को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ वार्ता के एक नए दौर में भाग लेने की उसकी कोई योजना नहीं है। ईरान ने अमेरिका द्वारा जहाज जब्त करने के बाद यह प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने अमेरिका पर कूटनीति के साथ धोखा देने का आरोप लगाया है। इसके बावजूद कि पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटों में वाशिंगटन और तेहरान दोनों के साथ राजनयिक संपर्क तेज कर दिए हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक, तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक हमने अगले दौर की बातचीत को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है।
ईरान-अमेरिका ने लगाए आरोप
इससे पहले इस महीने की शुरुआत में इस्लामाबाद में प्रारंभिक वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं, जिसमें सोमवार की सुबह अमेरिकी द्वारा एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त करना भी शामिल है।
प्रवक्ता ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन एक तरफ कूटनीति की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ उसके कदम उससे मेल नहीं खाते। युद्धविराम की शुरुआत से ही ईरान को अमेरिका की तरफ से खराब नीयत और लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआत में अमेरिका कह रहा था कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है, जबकि दूसरी तरफ इसके उलट दावे किए जा रहे थे।
होर्मुज स्ट्रेट में हस्तक्षेप का सामना
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि समझौता होने के बाद भी ईरान को होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियों में गतिरोध का सामना करना पड़ा। इसमें रविवार रात एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर अमेरिका का हमला भी शामिल है। उन्होंने इसे युद्धविराम का उल्लंघन और आक्रामक कदम बताया।
वहीं, रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया, जो अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था।
बघाई ने आगे कहा कि इस तरह की असंगत हरकतों से ईरान का भरोसा और कम होगा। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला बहुत सोच-समझकर करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने दो बार कूटनीति के साथ धोखा किया है और ईरान की संप्रभुता और संपत्तियों पर हमला किया है। पिछले एक साल के बहुत महंगे अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कूटनीतिक रास्ते खुले होने के बावजूद देश को दुश्मन की साजिशों से सावधान रहना होगा और ईरान सभी हिस्से पर नजर बनाए हुए है।
शी जिनपिंग ने क्या कहा?
इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत में कहा कि महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य यातायात जारी रहना चाहिए। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी।
सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, शी ने फोन पर यह भी कहा कि चीन तत्काल और व्यापक युद्धविराम का समर्थन करता है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला करके युद्ध शुरू करने के तुरंत बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले यातायात को अवरुद्ध कर दिया। यह मार्ग फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी भी कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस के आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का पांचवा भाग इससे होकर गुजरता है। इसके अलावा उर्वरक और अन्य जरूरी सामानों का भी आवागमन होता है।
ईरान-लेबनान में मारे गए 5 हजार से अधिक लोग
ईरान के कानूनी चिकित्सा संगठन के प्रमुख अब्बास मस्जेदी द्वारा सोमवार को आधिकारिक ईरानी मीडिया में जारी किए गए। इन आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 3,375 लोग मारे गए हैं। उन्होंने नागरिकों और सुरक्षा बलों के बीच हताहतों की संख्या का विवरण नहीं दिया बल्कि केवल इतना बताया कि मरने वालों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं थीं। मस्जेदी ने कहा कि मृतकों में से 383 बच्चे 18 वर्ष और उससे कम आयु के थे।
वहीं, लेबनान में 2,290 से अधिक लोग मारे गए हैं। इजराइल में 23 और खाड़ी अरब देशों में एक दर्जन से अधिक लोग मारे गए हैं। लेबनान में 15 इजराइली सैनिक और पूरे क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।

