जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई। रामनगर से उधमपुर आ रही एक अनियंत्रित बस कगोत (कघोट) गांव के पास सड़क से करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरकर पलट गई।
केंद्रीय राज्यमंत्री और कठुआ-उधमपुर से लोकसभा के सांसद जितेंद्र सिंह ने एक्स पर हादसे की जानकारी देते हुए लिखा कि “अब तक 21 लोगों की मौत हुई है और 61 घायल हैं। घायलों को ऊधमपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एयरलिफ्ट किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को हर संभव सहायता दी जा रही है। मेरा कार्यालय लगातार संपर्क में है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा सुबह करीब 10:00 बजे उस समय हुआ जब बस एक तीव्र मोड़ से गुजर रही थी। चश्मदीदों और घायल यात्रियों के अनुसार, बस पूरी तरह ओवरलोड थी और उसकी रफ्तार भी काफी तेज थी। कगोत नाले के पास अचानक बस का टायर फट गया, जिससे ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा। खाई में गिरने से पहले बस ने एक ऑटो-रिक्शा को भी अपनी चपेट में लिया, हालांकि ऑटो सवार लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हादसे के समय बस में लगभग 50 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश लोग अपने काम के सिलसिले में उधमपुर जा रहे थे। घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे सेना के एक काफिले ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया।
हादसा इतना भीषण था कि 15 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि 6 अन्य की मौत इलाज के दौरान हुई।घायलों को तत्काल जीएमसी (GMC) उधमपुर और रामनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की गई है।

पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। जबकि घायलों के उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
वहीं, राज्य सरकार ने भी अपनी तरफ से मुआवजे की घोषणा की है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने लिखा हालांकि वित्तीय सहायता से हुई जानमाल की अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, फिर भी तत्काल राहत के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि जारी की गई है। इसके तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 25,000 रुपए प्रदान किए जाएंगे।
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राष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्रियों ने व्यक्त किया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत देश के कई शीर्ष नेताओं ने इस बस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय ने ‘एक्स’ के माध्यम से हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटा है।
इसी कड़ी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना में बहुमूल्य जानों का जाना बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने ईश्वर से प्रभावित परिवारों को संबल देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हादसे पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाई जाए।
बता दें कि पहाड़ी जिलों उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार सड़क हादसों के मुख्य कारण बनकर उभरे हैं। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इस हादसे के पीछे भी तेज रफ्तार और बस का क्षमता से अधिक भरा होना प्राथमिक कारण नजर आ रहा है। ट्रैफिक विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष टीमों को तैनात किया है, ताकि ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से होने वाली मौतों पर लगाम लगाई जा सके।

