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IPS अधिकारी पूरन कुमार आत्महत्या मामले में रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया हटाए गए, DGP पर FIR की माँग

अधिकारी वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार ने पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनके पति का मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। इसी के चलते उनके पति ने आत्महत्या कर ली।

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एडीजीपी पूरन कुमार। IANS

रोहतकः हरियाणा के रोहतक जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारनिया को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की कथित आत्महत्या से जुड़े मामले में उनका नाम आने के बाद की गई है। बिजारनिया की जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने यह जानकारी अधिसूचना जारी करके दी है। फिलहाल बिजारनिया को कोई नया पद नहीं दिया गया है।

अधिकारी वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार ने पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनके पति का मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। इसी के चलते उनके पति ने आत्महत्या कर ली।

अमनीत कुमार ने अपनी शिकायत में आत्महत्या नोट में नामित वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी, अपने परिवार के लिए सुरक्षा और उनके अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी। अमनीत ने दोनों अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनकी शिकायत के बाद, 13 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

फोटोः आईएएनएस

पूरन कुमार ने खुद को मारी थी गोली, सुसाइड नोट में लगाया उत्पीड़न का आरोप

आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने अपने 9 पन्नों के सुसाइड नोट में 12 अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। नोट में उन्होंने अपनी सारी संपत्ति अपनी पत्नी को वसीयत करने की बात भी लिखी थी।

उनके पास से बरामद नोट में, उन्होंने कथित तौर पर उत्पीड़न, भेदभाव और प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाया था। सूत्रों के अनुसार, नोट में एक डीजीपी रैंक के अधिकारी पर अनावश्यक नोटिस जारी कर बार-बार उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया गया है। कुमार ने 7-8 आईपीएस और 2 आईएएस अधिकारियों का भी नाम लिया, जिन पर पोस्टिंग में भेदभाव और आधिकारिक समीक्षा में पक्षपात का आरोप लगाया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के पूरन कुमार की कथित आत्महत्या की जाँच के लिए आईडी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

न्याय के लिए महसपंचायत का आह्वान

इस बीच, एक 31-सदस्यीय समिति ने घोषणा की है कि जब तक हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक पूरन कुमार का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। समिति ने आईपीएस अधिकारी के लिए न्याय और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर 20 गुरुद्वारे में एक महापंचायत का आह्वान भी किया है।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अमनीत कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि पूरन कुमार की मौत यह याद दिलाती है कि कैसे वरिष्ठ दलित नौकरशाहों को भी सामाजिक समानता से वंचित किया जाता है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला, और राहुल गांधी जैसे नेताओं ने तत्काल न्याय की मांग की है। वहीं, दलित संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया और डीजीपी एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में देरी हुई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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