नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान और अमेरिका के बीच ताजा फायरिंग में भारत के एक नाविक की मौत हो गई है। शख्स की पहचान गुजरात के देवभूमि द्वारका के अल्ताफ तालब केर के तौर पर हुई है। पांच लोगों के घायल होने की खबर है। घटना गुरुवार की है। वे दुबई से यमन जा रही कार्गो शिप पर थे। एक नाविक संघ के प्रतिनिधि के हवाले से जानकारी सामने आई है।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जहाजरानी निदेशालय के अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर घटना की पुष्टि भी की लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि वे सहायता प्रदान कर रहे हैं। वहीं, इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सूत्रों ने पुष्टि की है कि अल्ताफ केर ‘अल फैज नूर सुलेमानी’ नाम के जहाज पर सवार 18 चालक दल के सदस्यों में से एक थे और गोलीबारी में मारे गए।
इस बीच दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से एक्स पर लिखा गया, ‘समुद्र में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानकर हमें गहरा दुख हुआ, जिसमें एक जहाज के चालक दल के भारतीय सदस्य की दुखद मृत्यु हो गई। वाणिज्य दूतावास जहाज के मालिक के संपर्क में है और आगे की जानकारी जुटा रहा है। वाणिज्य दूतावास इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर हर संभव सहायता प्रदान करेगा। हमारी गहरी संवेदनाएं।’
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को पार करते समय हुई घटना
इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन (गुजरात) के महासचिव एडम भाया के अनुसार यह घटना तब घटी जब पोत ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को पार कर रहा था।’ इसके कप्तान अमीन सलेमामद सुम्भानिया थे जबकि केर ‘इंजन कक्ष के पास’ थे।
नाव में 18 लोगों का दल सवार था। यह नाव 7 मई को दुबई से रवाना हुई थी और यमन के मुक्कम बंदरगाह जा रही थी। इसी दौरान 8 मई को तड़के एक बजे होर्मूज पार करते समय इस पर गोलीबारी हुई।
भाया ने दुबई स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर कहा, ‘इस घटना ने नाविक समुदाय और मृतक के परिवार के सदस्यों के बीच अत्यधिक भय और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसी परिस्थितियों में एक निर्दोष भारतीय नाविक की मृत्यु अत्यंत दुखद है और संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।’
जहाज में सवार अन्य क्रू को बचाया गया
भाया ने बताया कि ‘प्रेम सागर’ नाम के एक अन्य पोत ने बाकी बचे 17 चालक दल के सदस्यों को बचाया और शुक्रवार शाम करीब 6 बजे उन्हें दुबई लाया गया। भाया ने दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को पत्र लिखकर केर के अंतिम संस्कार के लिए सहायता मांगी है और उनसे ‘सभी कानूनी, कांसुलर और दस्तावेज से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और बचे हुए चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार, सभी चालक दल के सदस्य भारतीय थे।
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