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भारत-फ्रांस के बीच 3200 करोड़ की SCALP मिसाइल डील पर फैसला जल्द! ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था इस्तेमाल

SCALP को ‘स्टॉर्म शैडो’ के नाम से भी जाना जाता है। यह एक लंबी दूरी की हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 250 किलोमीटर से अधिक है।

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BrahMos Missile Deal (Representational Photo)
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना द्वारा स्कैल्प (SCALP) लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बाद भारत और फ्रांस लगभग 30 करोड़ यूरो (करीब 3212 करोड़ रुपये) के एक बड़े रक्षा सौदे के करीब पहुंच रहे हैं। भारतीय वायु सेना ने फ्रांस से बड़ी संख्या में स्कैल्प क्रूज मिसाइलों का ऑर्डर दिया है। सामने आई जानकारी के अनुसार इस संबंध में बातचीत जारी है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि सौदे पर जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों से स्कैल्प मिसाइलें दागी गईं थी, जिनका उद्देश्य पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर जिलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मुख्यालयों पर हमला करना था। अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ किया गया और लक्ष्यों को सटीक रूप से नष्ट किया गया।

पिछले साल 6-7 मई की रात को शुरुआती हमलों के बाद वायु सेना ने पाकिस्तानी वायु सेना के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भी फिर से क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने 12 प्रमुख हवाई अड्डों पर हमला किया और पाकिस्तानी बेस पर जमीन पर मौजूद लड़ाकू विमानों और निगरानी विमानों सहित कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नष्ट किया। ऑपरेशन सिंदूर इस तरह 2019 के बालाकोट ऑपरेशन के बाद भारत का सबसे प्रमुख सीमा पार किया गया सटीक हमला था।

ऑपरेशन सिंदूर जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस अभियान (ऑपरेशन सिंदूर) के दौरान भारत ने SCALP क्रूज मिसाइलों, HAMMER सटीक निर्देशित बमों और लोइटरिंग मुनिशन्स सहित अन्य सटीक मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया था।

SCALP मिसाइल क्या हैं?

SCALP को ‘स्टॉर्म शैडो’ के नाम से भी जाना जाता है। यह एक लंबी दूरी की हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 250 किलोमीटर से अधिक है और इसे डीप पेनिट्रेशन हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कम दृश्यता वाली डिजाइन इसे रडार की पकड़ से बचने के लिए बहुत कम ऊंचाई पर उड़ने लायक बनाती देती है।

यह वारहेड बंकरों, कमांड केंद्रों, हवाई अड्डों और गोला-बारूद डिपो जैसे मजबूत लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, ग्रीस और भारत सहित कई देशों द्वारा संचालित SCALP मिसाइल भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह विमान भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र में प्रवेश किए बिना दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बना सकते हैं।

वहीं, ऑपरेशन सिंदूर में HAMMER बम का इस्तेमाल बंकरों और बहुमंजिला इमारतों जैसी मजबूत संरचनाओं को नष्ट करने के लिए किया गया, जबकि लोइटरिंग मुनिशन्स का उपयोग निगरानी और निर्णायक हमले के लिए किया गया था।

इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े 9 ठिकानों पर हमले किए गए। इनमें से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में थे। भारत ने तब किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया और सभी स्थानों की पुष्टि प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों के परिचालन केंद्रों के रूप में की गई।

राफेल के लिए Meteor मिसाइलों की भी खरीद

SCALP खरीद के साथ-साथ भारतीय वायु सेना अपने राफेल बेड़े के लिए बड़ी संख्या में Meteor हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का ऑर्डर देने की प्रक्रिया में भी है। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों में भी शामिल किया जाएगा। इनके अगले तीन से चार वर्षों में शामिल होने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों के प्रदर्शन और क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए वायु सेना 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों का ऑर्डर देने की तैयारी भी कर रही है। उम्मीद है कि रक्षा अधिग्रहण परिषद आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर विचार करेगी। इसी के साथ, राफेल भारतीय वायु सेना का मुख्य आधार बनने के लिए तैयार है, और अगले 10 से 15 वर्षों में इसके बेड़े की क्षमता लगभग 200 विमानों तक पहुंचने का अनुमान है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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