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मथुरा में बनेगा देश का पहला ‘राष्ट्रीय गौ-संस्कृति संग्रहालय’, क्या होगी इसकी विशेषताएं?

अधिकारियों के अनुसार संग्रहालय के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।यह घोषणा परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक के बाद सामने आई।

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Cow culture museum in mathura
प्रतिकात्मक एआई जेनरेटेड इमेज।

मथुराः उत्तर प्रदेश के मथुरा में देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का गौ संस्कृति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत विकसित किया जा रहा यह संग्रहालय भारतीय जीवन में गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को दुनिया के सामने रखेगा।

अधिकारियों के अनुसार संग्रहालय के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।यह घोषणा परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक के बाद सामने आई। परिषद का गठन ब्रज क्षेत्र की विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से किया गया है और संग्रहालय को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

धार्मिक, सांस्कृतिक समेत गाय की वैज्ञानिक उपयोगिता की दी जाएगी जानकारी

आगरा मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने बताया कि संग्रहालय के माध्यम से आम लोगों को गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जाएगी। उनका कहना था कि परंपरा और विज्ञान का यह संगम गौ संरक्षण को समग्र रूप से समझने में मदद करेगा और भारतीय जीवन में इसकी भूमिका को रेखांकित करेगा।

परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश की विविध गोवंशीय विरासत को प्रदर्शित करना और उससे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं को आम जनता तक सरल तरीके से पहुंचाना है। जिला मजिस्ट्रेट सीपी सिंह ने भी बताया कि संग्रहालय में लुप्तप्राय नस्लों पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके महत्व को समझ सकें।

संग्रहालय में करीब 100 डिजिटल और भौतिक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे

अधिकारियों के मुताबिक संग्रहालय में लगभग 100 डिजिटल और भौतिक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें देश की प्रमुख देसी नस्लों के साथ संकटग्रस्त प्रजातियां भी शामिल होंगी। पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि दूध और उससे बने उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी पर आधारित एक स्थायी प्रदर्शनी भी तैयार की जाएगी। आधुनिक तकनीकों के जरिए इनके पोषण और आयुर्वेदिक लाभों को समझाया जाएगा।

इसके अलावा परिसर में एक डेयरी पार्लर भी विकसित किया जाएगा, जहां आगंतुकों को शुद्ध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल के अनुसार इससे लोगों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा ने गौ संरक्षण को सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा बताते हुए इसे सामाजिक कल्याण से भी जोड़ा। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रहा यह संग्रहालय ब्रज क्षेत्र की पहचान को मजबूत करेगा और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकता है।

मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन के अनुसार यह परियोजना शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है। हालांकि अभी परियोजना की समयसीमा और बजट का विस्तृत खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारियों ने जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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