नई दिल्ली: पिछले हफ्ते जब SpaceX न केवल इतिहास का सबसे बड़ा IPO लॉन्च बन गया बल्कि इसके संस्थापक एलन मस्क भी दुनिया के पहला ट्रिलियनेयर बने। यही नहीं, कंपनी के हजारों कर्मचारियों, शुरुआती निवेशकों और कई संस्थानों की किस्मत भी बदल गई। एक ट्रिलियन डॉलर कितना होता है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये दुनिया के करीब 170 देशों की सालाना जीडीपी से भी बड़ी है।
भारतीय रुपये में अगर इसे देखें तो ये करीब 86 लाख करोड़ होता है। अनुमान के मुताबिक अगर एक ट्रिलियन डॉलर का मालिक अगर रोज एक करोड़ रुपये भी खर्च करे तो तब भी उसकी दौलत लगभग 23,500 साल चलेगी। इसे ऐसे भी समझिए कि कोई व्यक्ति हर घंटे 10 लाख डॉलर यानी करीब 9.54 करोड़ रुपए भी खर्च करे, तो उसे 1 ट्रिलियन डॉलर खत्म करने में 114 साल से ज्यादा का समय लगेगा।
शेयर बाजार में स्पेसएक्स का धमाका
अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक में लिस्टिंग के पहले ही दिन कंपनी के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला, जिससे स्पेसएक्स का बाजार मूल्य 2.11 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।आईपीओ के पहले दिन स्पेसएक्स का शेयर मूल्य 135 डॉलर से बढ़कर 160.95 डॉलर हो गया। इसके साथ ही कंपनी का कुल बाजार मूल्य 2.11 ट्रिलियन डॉलर हो गया। चूंकि एलन मस्क के पास कंपनी की करीब 46 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए उनकी हिस्सेदारी का मूल्य लगभग 866 अरब डॉलर से बढ़कर 1.03 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। इसी के साथ मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए।
स्पेसएक्स के आईपीओ से सबसे ज्यादा चर्चा मस्क की संपत्ति को लेकर हुई, लेकिन ऐसा नहीं है कि बड़ा फायदा केवल उन्हें हुआ। स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल जो पिछले दो दशकों से कंपनी के संचालन में अहम भूमिका निभा रही हैं, वे भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उनके पास कंपनी के 1.26 करोड़ शेयर हैं, जिनकी कीमत आईपीओ के बाद 2 अरब डॉलर से अधिक हो गई।
कंपनी में शुरुआती दौर में निवेश करने वाली वेंचर कैपिटल फर्मों को भी भारी फायदा हुआ है। फाउंडर्स फंड, एंड्रीसन होरोविट्ज और सिकोइया कैपिटल जैसी निवेश कंपनियों की हिस्सेदारी का मूल्य अरबों डॉलर बढ़ गया। वहीं निवेशक एंटोनियो ग्रासियास और उनकी फर्म वेलोर इक्विटी पार्टनर्स के पास स्पेसएक्स के लगभग 6.7 प्रतिशत शेयर थे। कंपनी का मूल्य बढ़ने के बाद उनकी हिस्सेदारी की कीमत करीब 68 अरब डॉलर हो गई, जिससे वे मस्क के बाद स्पेसएक्स के दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक बन गए।
4400 कर्मचारी बन गए करोड़पति
आईपीओ का सबसे बड़ा असर कंपनी के कर्मचारियों पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स के 4,400 से अधिक वर्तमान और पूर्व कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं। इन कर्मचारियों के पास कंपनी के शेयर या स्टॉक विकल्प थे, जिनकी कीमत आईपीओ के बाद तेजी से बढ़ी।
स्पेसएक्स के लिए काम कर चुके इंजीनियर जे आंद्रे लावोई ने एक दशक पहले कंपनी छोड़ दी थी, लेकिन उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे। आईपीओ के बाद उनकी हिस्सेदारी की कीमत 2.8 करोड़ डॉलर से अधिक हो गई। वहीं 27 साल के मैरिलिन मुसलमैन ने स्पेसएक्स में काम करने के दौरान अपनी आय का 10 प्रतिशत कंपनी के शेयरों में निवेश किया था, जिसका मूल्य भी अब कई गुना बढ़ चुका है।
स्पेसएक्स की सफलता का फायदा कुछ विश्वविद्यालयों को भी मिला। यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइना ने शुरुआती दौर में फाउंडर्स फंड के जरिए निवेश किया था। स्पेसएक्स में किया गया यह निवेश विश्वविद्यालय के एंडोमेंट फंड का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा बन गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया और सेंट लुइस की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने भी शुरुआती चरण में निवेश किया था, जिनकी वैल्यू अब कई गुना बढ़ चुकी है।

