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खेती बाड़ी-कलम स्याही: बंगाल में हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा! आई-पैक के बहाने ममता हुईं हमलावर

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर ईडी के जरिए आई-पैक के दफ्तर से तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

mamata banerjee challenge to gherao election commission amit shah alleged corruption and infiltrators, ममता बनर्जी
फोटो_ आईएएनएस

आई-पैक (I-PAC) के बहाने कोलकाता में गुरुवार से हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा जारी है! कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर दिखे!

ममता बनर्जी विरोध के ‘सेंटर’ में दिख रही है! इन सबके बीच राज्य की मुख्यमंत्री देश के गृह मंत्री के खिलाफ लगातार बयान दे रही हैं। ईडी जांच के बाद मीडिया के सामने जब ममता दीदी आईं तो गृह मंत्री को निशाना बनाते दिखी! उनका बयान फ़िलहाल सुर्खियों में है।

लेकिन इन सबके बीच सबसे अधिक चर्चा आई-पैक (I-PAC) की हो रही है, जो कभी अपने बिहार के जन सुराज वाले प्रशांत किशोर का हुआ करता था!

विधानसभा चुनाव के दहलीज पर खड़े पश्चिम बंगाल में आई-पैक के चीफ प्रतीक जैन के घर पर गुरुवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की रेड को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में ठनती दिख रही है। प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की सूचना पर ममता बनर्जी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां से गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। ममता बनर्जी ने चिर परिचित अंदाज में हमला बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह को नॉटी होम मिनिस्टर भी कहा। बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी से छापेमारी करवाकर बीजेपी ने तृणमूल की चुनावी रणनीति को चोरी किया।

ममता बनर्जी यहीं पर नहीं रुकीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह अपने गृह मंत्री को काबू में रखें। बंगाल में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं, तो वहीं दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ आई-पैक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। तो वहीं दूसरी ईडी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी से जुड़े हवाला कारोबारी ने आई-पैक को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद की।

ईडी ने गुरुवार सुबह ही कोलकाता में सलाहकार संस्था आई-पैक के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसकी खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले प्रतीक के घर गई और वहां से आई-पैक के दफ्तर। उन्होंने तलाशी के दौरान ही वहां से दर्जनों फाइलें और लैपटॉप को अपने कब्जे में लेकर गाड़ी में रख लिया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर ईडी के जरिए आई-पैक के दफ्तर से तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईडी ने अपने बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए ईडी तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जबरन कब्जे में ले लिया और अपने साथ ले गई।

गौरतलब है कि आई-पैक एक पेशेवर राजनीतिक सलाहकार फर्म है। यह देश के विभिन्न राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति बनाने और चुनाव अभियान के संचालन में मदद करती है. इसका पूरा नाम है इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी। फिलहाल प्रतीक जैन इसके निदेशक है। वो तृणमूल कांग्रेस की आईटी सेल के प्रमुख भी हैं। इसी संस्था ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए कई रणनीति तैयार की थी।

इस पूरे घटनाक्रम में ममता बनर्जी की बात तो सभी कर रहे हैं लेकिन यहां आईपैक के चीफ प्रतीक जैन को भी जानने की जरुरत है। आईपैक के निदेशक प्रतीक जैन ने आईआईटी- मुंबई से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग एंड मैटेरियल साइंस में बीटेक की डिग्री ली है। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2012 में डेलायट में एनालिस्ट के तौर पर काम किया। कुछ समय बाद ही उन्होंने प्रशांत किशोर के साथ सिटीजंस फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस की स्थापना की थी। यही आगे चल कर आई-पैक में बदला। उस समय उनके साथ ऋषिराज सिंह और विनेश चंदेल भी थे। बाद में प्रशांत किशोर ने इस संस्था से दूरी बना ली। अब प्रमुख के तौर पर प्रतीक जैन ही संस्था का कामकाज देखते हैं। इसके साथ ही वो तृणमूल कांग्रेस की आईटी सेल के प्रमुख भी हैं।

यहां यह समझने की भी जरुरत है कि आखिर ईडी ने तलाशी अभियान क्यों आरंभ किया। दरअसल कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रतीक जैन के आवास और आई-पैक के दफ्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

ईडी के तलाशी अभियान की खबर सामने आते ही गुरुवार को ममता बनर्जी शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ पहले प्रतीक जैन के घर पहुंची। वहां करीब एक घंटे रहने के दौरान वो अपने हाथों में हरे रंग की एक फाइल लेकर बाहर निकलीं और आरोप लगाया कि ईडी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और उम्मीदवारों की सूची जब्त कर साथ ले जा रही थी। लेकिन उन्होंने उसे अपने कब्जे में ले लिया है।

उसके बाद वो भारी पुलिस बल के साथ साल्टलेक स्थित आई-पैक के दफ्तर पहुंची। वहां उनके पहुंचने के कुछ देर बाद ही पुलिस के जवान दर्जनों फाइलें और कई लैपटॉप ममता बनर्जी की कार में रखते देखे गए। वहां पुलिस और प्रशासन के तमाम शीर्ष अधिकारियों के अलावा तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, “केंद्रीय एजेंसी इस छापेमारी की आड़ में तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति से जुड़ी जानकारियां ‘ट्रांसफर’ कर रही है। यह गंभीर अपराध है।” उन्होंने कहा, “आई-पैक सिर्फ एक निजी संस्था नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस की अधिकृत टीम है। ईडी के इस हमले का जवाब आम लोग देंगे।

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने यहां जारी एक बयान में ममता बनर्जी पर अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर कई दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन साथ ले जाने का आरोप लगाया है। बयान में कहा गया है कि ईडी कोयला घोटाले के मामले में ठोस जानकारी के आधार पर दस जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है। यह अभियान न तो किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ है और न ही चुनाव से इसका कोई लेना-देना है।

इस जांच के बीच बंगाल में ‘ऑफिस ऑफ ममता बनर्जी’ और ‘ऑफिस ऑफ अभिषेक बनर्जी ‘ की भी कहानी सामने आ रही है!

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गिरीन्द्र नाथ झा
गिरीन्द्र नाथ झा ने पत्रकारिता की पढ़ाई वाईएमसीए, दिल्ली से की. उसके पहले वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक कर चुके थे. आप CSDS के फेलोशिप प्रोग्राम के हिस्सा रह चुके हैं. पत्रकारिता के बाद करीब एक दशक तक विभिन्न टेलीविजन चैनलों और अखबारों में काम किया. पूर्णकालिक लेखन और जड़ों की ओर लौटने की जिद उनको वापस उनके गांव चनका ले आयी. वहां रह कर खेतीबाड़ी के साथ लेखन भी करते हैं. राजकमल प्रकाशन से उनकी लघु प्रेम कथाओं की किताब भी आ चुकी है.

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