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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, क्लब मालिकों पर FIR; मैनेजर समेत कई हिरासत में

रात करीब 12 बजे Birch by Romeo Lane नाइटक्लब के अंदर लगी आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है। आग कैसे लगी, इसकी वजह अब तक सामने नहीं आई है लेकिन शुरुआती जांच में सिलेंडर विस्फोट की आशंका जताई गई है।

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उत्तर गोवा के अर्पोरा में स्थित नाइटक्लब में लगी भीषण आग की मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दिए गए हैं। शनिवार देर रात को हुए इस भीषण अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है।

रात करीब 12 बजे Birch by Romeo Lane नाइटक्लब के अंदर लगी आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है। आग कैसे लगी, इसकी वजह अब तक सामने नहीं आई है लेकिन शुरुआती जांच में सिलेंडर विस्फोट की आशंका जताई गई है।

क्लब मालिकों पर ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला दर्ज

पुलिस ने इस घटना के संबंध में क्लब मालिकों और प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि क्लब के दोनों मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैनेजर और अन्य जिम्मेदार लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।

सीएम सावंत ने कहा, “क्लब मालिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। मैनेजर और अन्य जिम्मेदारों को पकड़ा जा चुका है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे जेल भेजा जाएगा।”

मुख्यमंत्री सावंत रात में ही घटनास्थल पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि मृतकों में ज्यादातर किचन स्टाफ हैं, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि तीन से चार पर्यटक भी आग की चपेट में आए हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि क्लब ने फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया था। सावंत ने कहा, क्लब मैनेजमेंट और उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी जिन्होंने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बावजूद इसे चलने दिया।

क्लब के लाइसेंस पर सवाल, दी गई थी विध्वंस नोटिस!

उधर, अर्पोरा ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि क्लब की इमारत बिना निर्माण लाइसेंस के खड़ी की गई थी। उन्होंने कहा, “क्लब को लेकर शिकायतें मिलती रही थीं। जांच में पाया गया कि इमारत का कोई वैध लाइसेंस नहीं है। विध्वंस नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन अपील दायर होने के बाद आदेश पर स्थगन लग गया।”

गोवा पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, पंचायत के निर्णय के खिलाफ डायरेक्टरेट ऑफ पंचायत्स के पास अपील की जा सकती है, जहां डिप्टी डायरेक्टर फैसले को बरकरार रख या पलट सकते हैं। रेडकर ने यह भी बताया कि क्लब संचालक सौरभ लूथरा जमीन मालिकों और बिजनेस पार्टनरों के साथ विवाद में घिरे थे और कई शिकायतें पहले भी दर्ज हुई थीं।

चश्मदीदों ने क्या बताया?

क्लब में लगी आग की घटना पर एक प्रत्यक्षदर्शी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हम अभी होटल पहुंचे ही थे कि अचानक लाल-लाल लपटें दिखाई देने लगीं। मौके पर पहुंचने पर देखा कि पुलिस और दमकल दल पहले से ही आग बुझाने में जुटे थे।”

एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि उन्हें रात में सिर्फ तेज सायरन सुनाई दिया था, लेकिन किसी गंभीर घटना का अंदेशा नहीं था। उन्होंने बताया, “आज सुबह खबर मिलने पर मैं तुरंत यहां आया। हमने सोचा था कि शायद सड़क पर कोई हादसा हुआ होगा, लेकिन सुबह पता चला कि इतनी बड़ी त्रासदी हो गई।”

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, “घटना आधी रात की है, इसलिए उस समय किसी को कुछ समझ नहीं आया। सुबह पता चला कि लगभग 25 लोगों की जान चली गई है। एम्बुलेंस की आवाज जरूर सुनी थी, लेकिन कारण का अंदाजा नहीं था।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया, मुआवजे की घोषणा

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, “आरपोरा, गोवा में दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “गोवा के आरपोरा में आग लगने की घटना अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएँ उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। मैंने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत जी से स्थिति के बारे में बात की है। राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।”

दोषियों की सख्त जवाबदेही तय की जाए: खड़गे

घटनास्थल पर शोक व्यक्त करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस त्रासदी को प्रशासनिक नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जान जाने से साफ होता है कि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया।

खड़गे ने एक्स पर लिखा, “अर्पोरा, गोवा में लगी आग में 25 लोगों की जान जाना एक अपूरणीय क्षति है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। यह घटना बताती है कि सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर चूक हुई है।”

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की “व्यापक जांच हो और दोषियों की सख्त जवाबदेही तय की जाए।”
साथ ही उन्होंने गोवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करें।

राहुल गांधी ने हादसे पर दुख जताते हुए इसे प्रशासनिक आपराधिक विफलता बताया। एक्स पोस्ट में कहा, इस घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, यह सुरक्षा और शासन की एक आपराधिक विफलता है। एक गहन, पारदर्शी जाँच होनी चाहिए ताकि जवाबदेही तय की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की रोकी जा सकने वाली त्रासदियाँ दोबारा न हों।”

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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