पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने उनकी अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars Of Destiny)’ को लेकर जारी विवाद के बीच पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) के रुख का समर्थन किया है।
प्रकाशक ने आज पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी पुस्तक की घोषणा या उसके प्री-ऑर्डर की उपलब्धता प्रकाशन के समान नहीं है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि पुस्तक का प्रकाशन नहीं हुआ है और इसकी कोई भी प्रति प्रकाशित, वितरित या बेची नहीं गई है और संस्मरण का कोई भी प्रसार कॉपीराइट उल्लंघन के अंतर्गत आएगा।
जनरल नरवणे ने क्या टिप्पणी की?
अपने आधिकारिक X हैंडल पर प्रकाशक का बयान साझा करते हुए, नरवणे ने कहा, “पुस्तक की स्थिति यह है।”
गौरतलब है कि नरवणे की आत्मकथा की पीडीएफ प्रतियां कथित तौर पर प्रसारित होने के बाद पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया विवादों में घिर गया है। इस आत्मकथा को अभी रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलनी बाकी है।
पेंगुइन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि प्रतियों का कोई भी वितरण कॉपीराइट उल्लंघन होगा और बताया कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन के सभी अधिकार उसी के पास हैं। प्रकाशक ने कहा कि हालिया सार्वजनिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर वह अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहा है।
इसमें आगे कहा गया है कि संस्मरण का प्रकाशन नहीं हुआ है और “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा पुस्तक की कोई भी प्रति – मुद्रित या डिजिटल रूप में – प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी भी अन्य माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।”
प्रकाशक ने कहा, “पुस्तक की कोई भी प्रति, चाहे पूर्ण हो या आंशिक, मुद्रित, डिजिटल, पीडीएफ या किसी अन्य प्रारूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रचलन में है, जो पीआरएचआई के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पुस्तक के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ कानून में उपलब्ध कानूनी उपायों का प्रयोग करेगा।”
राहुल गांधी ने क्या कहा?
इससे पहले मंगलवार (10 फरवरी) को राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए सरकार और प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब से जुड़ी जानकारियां पहले ही सार्वजनिक डोमेन में हैं और भाजपा ‘असुविधाजनक सच्चाई’ को सामने आने से रोकने के लिए इसे दबाने की कोशिश कर रही है।
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लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने दावा किया कि यह पुस्तक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर उपलब्ध है, जबकि पेंगुइन इस बात से इनकार कर रहा है। उन्होंने पत्रकारों को जनरल नरवणे की 2023 की एक एक्स पोस्ट भी दिखाई, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख ने लोगों से 2020 की गलवान झड़प से जुड़े घटनाक्रम पर आधारित अपने संस्मरण पढ़ने की अपील की थी।
गौरतलब है कि किताब के कथित लीक को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई है, जो यह पता लगा रही है कि अप्रकाशित पांडुलिपि या उसके अंश किस तरह सार्वजनिक हुए। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जांच जारी है।

