नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने कफ सिरप समेत सभी प्रकार की सिरप आधारित दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने अधिसूचना जारी की है कि अब सिरप श्रेणी की दवाएं ओवर-द-काउंटर (OTC) यानी बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं बेची जा सकेंगी। इन दवाओं को खरीदने के लिए चिकित्सक का वैध प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 9 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन के बाद लागू किया गया है। इस संबंध में मसौदा अधिसूचना दिसंबर में जारी की गई थी। निर्धारित अवधि में किसी भी पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिसके बाद इसे राजपत्र (गजट) में अधिसूचित कर दिया गया।
क्या बदला है नियम में?
सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 के तहत अनुसूची-के (Schedule K) में शामिल छूट प्राप्त दवाओं की सूची से “सिरप” शब्द को हटा दिया है। अब कफ सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाएं उन उत्पादों में शामिल नहीं रहेंगी जिन्हें कुछ नियामकीय प्रावधानों से छूट प्राप्त थी। इसका सीधा असर यह होगा कि मेडिकल स्टोर अब ऐसी दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह या पर्ची के नहीं बेच सकेंगे।
पिछले कुछ वर्षों में देश और विदेश में भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित कुछ दूषित कफ सिरप से जुड़ी मौतों के मामले सामने आए थे। इसके अलावा कोडीन युक्त कफ सिरप के नशे के लिए दुरुपयोग और अवैध कारोबार की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने और उनके दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
कोडीन सिरप की तस्करी ने बढ़ाई चिंता
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में खराब खांसी की सिरप (इमल्शन) से जुड़ी मौतों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई हिस्सों में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई में 52 लाख रुपये से अधिक मूल्य की 4,734 कोडीन सिरप की बोतलें जब्त कीं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे के उद्देश्य से इन सिरप की बिक्री करने की कोशिश कर रहे थे। जांच के दौरान नवी मुंबई में छापेमारी कर हजारों अतिरिक्त बोतलें भी बरामद की गईं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
इसी तरह 4 जून को जम्मू-कश्मीर के सोपोर में पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में चार कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप बरामद किया था। पुलिस जांच में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन सिरप की आपूर्ति किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।



