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दुर्गापुर गैंगरेप: पीड़िता के पिता ने बेटी को भुवनेश्वर शिफ्ट करने की लगाई गुहार, ममता के बयान पर जताई नाराजगी

पीड़िता एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है और बालासोर जिले के जालेश्वर की रहने वाली है। फिलहाल उसका दुर्गापुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के दिन फोन पर पीड़िता के माता-पिता सूचना मिलने के बाद तुरंत पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए थे।

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IANS

भुवनेश्वर/दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में कथित गैंगरेप की शिकार हुई 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा के पिता ने ओडिशा सरकार से अपील की है कि उनकी बेटी को इलाज के लिए भुवनेश्वर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने अपनी बेटी की जान को खतरा होने की आशंका जताई है।

पीड़िता एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है और बालासोर जिले के जालेश्वर की रहने वाली है। फिलहाल उसका दुर्गापुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के दिन फोन पर पीड़िता के माता-पिता सूचना मिलने के बाद तुरंत पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए थे।

बता दें शुक्रवार को पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में ओडिशा की एक निजी मेडिकल कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ कॉलेज परिसर के बाहर कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। छात्रा अपने एक पुरुष मित्र के साथ रात का खाना खाने के लिए बाहर गई थी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को छात्रा के पुरुष मित्र को हिरासत में लेकर घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ की। वहीं, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने निजी मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूरी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात जब छात्रा और उसका मित्र कॉलेज से बाहर निकले, तभी बाइक सवार कुछ युवकों ने उनका पीछा करना शुरू किया और अश्लील कमेंट करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने छात्रा को उसके मित्र से अलग किया, उसे कॉलेज के पीछे स्थित सुनसान और झाड़ीदार इलाके में घसीट ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। घटना के बाद उन्होंने उसका मोबाइल फोन भी छीनकर फेंक दिया।

पीड़िता के पिता ने ओडिशा सरकार से मांगी मदद

पीड़िता के दलित पिता ने रविवार को दुर्गापुर से समाचार एजेंसी पीटीआई को फोन पर बताया, “मैं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से अपील करता हूँ कि मेरी बेटी को भुवनेश्वर शिफ्ट करने में मदद करें। मुझे डर है कि उसकी जान खतरे में हो सकती है।”

उन्होंने कहा कि परिवार पश्चिम बंगाल में असुरक्षित महसूस कर रहा है और उन्हें “किसी पर भी भरोसा करने में बहुत डर लग रहा है।” उन्होंने कहा, “वे (किसी का नाम न लेते हुए) मेरी बेटी को मार डालेंगे। उसकी हालत में सुधार हुआ है, लेकिन उसके जीवन को खतरा है। मैं उन पर भरोसा नहीं कर सकता।”

पिता ने अपनी दर्द भरी स्थिति बताते हुए कहा, “मैं दुर्गापुर में छिपा हुआ हूँ, जबकि मेरी पत्नी, जो मधुमेह से पीड़ित हैं, अस्पताल में बेटी के पास मौजूद हैं।

ममता बनर्जी के बयान पर जताई नाराजगी

पीड़िता के पिता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि रात में 12:30 बजे कैसे बाहर निकल गई? लड़कियों को रात में कैंपस से बाहर नहीं जाना चाहिए।

पीड़िता पिता ने ममता बनर्जी के बयान को पूरी तरह झूठ बताया। उन्होंने कहा, ” मेरी बेटी आधी रात को बाहर नहीं गई थी, वह शुक्रवार को सिर्फ रात 8 बजे बाहर निकली थी। रात 8 से 9 बजे के बीच हमला हुआ। उसका साथी मौके से भाग गया और किसी को खबर भी नहीं दी। बदमाशों ने मेरी बेटी को जंगल की तरफ खींच कर ले गए और उसके साथ अमानवीय अत्याचार किया।” उन्होंने कहा कि मुझे घटना को दबाने की कोशिश नजर आ रही है।

यहां पढें ममता बनर्जी ने क्या कहाः छात्रा रात 12:30 बजे कैसे बाहर निकल गई’, दुर्गापुर गैंगरेप मामले में ममता बनर्जी के बयान पर विवाद

तीन आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में 36 घंटे के भीतर तीन आरोपियों शेख नसीमुद्दीन, शेख रियाजुद्दीन और शेख फर्दौस को गिरफ्तार किया है, जो सभी बीजरा गाँव के निवासी बताए जा रहे हैं।

इस दौरान रविवार को दुर्गापुर फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच के लिए आवश्यक नमूने, सबूत और दस्तावेज एकत्र किए। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा सकें।

इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी करते हुए कहा कि “दुर्गापुर में निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटना से हम बेहद दुखी हैं। हम सभी को भरोसा दिलाते हैं कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता का दर्द जितना ओडिशा का है, उतना ही हमारा भी है। अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।”

पुलिस ने बताया कि पीड़िता की हालत में सुधार हो रहा है और उसके परिवार को हर तरह की मदद दी जा रही है। साथ ही अपील की कि लोग घटना से जुड़ी कोई भी असत्यापित या भ्रामक जानकारी साझा न करें। बयान में कहा गया, “महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में पश्चिम बंगाल पुलिस अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर दृढ़ है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जा रही है।”

ओडिशा पुलिस की टीम ने पीड़िता से की मुलाकात

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर बालासोर के अधिकारियों की एक टीम शनिवार को अस्पताल गई थी, जिसके बाद पिता ने यह अपील की।

बालासोर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह ने अस्पताल का दौरा करने के बाद कहा, “पश्चिम बंगाल पुलिस ने घटना के 36 घंटों के भीतर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हम संतुष्ट हैं और उम्मीद करते हैं कि पीड़िता को न्याय मिलेगा।”

जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी ज्योत्सना मोहंती सहित बालासोर जिला प्रशासन की चार सदस्यीय टीम ने भी परिवार से मुलाकात की। मोहंती ने कहा, “पीड़िता की हालत धीरे-धीरे सुधर रही है। हमने परिवार को आश्वासन दिया है कि ओडिशा सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखा जा रहा है।”

इस बीच, भाजपा सांसद प्रताप सारंगी ने बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला और राज्य में कानून व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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