Home भारत अपहरण मामले में पूजा खेडकर के पिता का ड्राइवर गिरफ्तार, माता-पिता फरार

अपहरण मामले में पूजा खेडकर के पिता का ड्राइवर गिरफ्तार, माता-पिता फरार

अपहरण मामले में पूजा खेडकर के पिता के ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह बीते 6 दिनों से फरार था। पुलिस को हालांकि पूजा के माता-पिता मनोरमा खेडकर और दिलीप खेडकर की तलाश है।

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UPSC डिजिलॉकर के माध्यम से करेगा अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन, फोटोः आईएएनएस

मुंबईः नवी मुंबई पुलिस ने हाल ही में हुए रोड रेड और अपहरण मामले में पूर्व आईएएस प्रोबेशनरी पूजा खेडकर के पिता के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ड्राइवर की पहचान प्रफुल्ल सालुंखे के रूप में हुई है जो कि महाराष्ट्र के धुले जिले के सिंदखेड़ से गिरफ्तार किया गया। वह बीते 6 दिनों से फरार था।

सहायक पुलिस आयुक्त के राहुल धास के मुताबिक, सालुंके को 24 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस ने इस बीच मुख्य आरोपी दिलीप खेडकर, उसकी पत्नी मनोरम खेडकर और एक अन्य अज्ञात संदिग्ध की तलाश जारी रखी है। इस मामले की जांच के तहत पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

13 सितंबर को हुआ था विवाद

यह मामला एक विवाद से संबंधित है जो 13 सितंबर को हुआ था। पीड़ित प्रहलाद कुमार द्वारा चलाया जा रहा एक कंक्रीट मिक्सर कथित तौर पर दिलीप खेडकर की टोयोटा लैंड क्रूजर से टकरा गया था।

इस घटना के बाद खेडकर और सालुंके ने प्रहलाद कुमार का अपहरण कर लिया। दावे के मुताबिक, ये लोग कुमार को पुलिस स्टेशन ले जाने की बजाय पुणे ले गए।

अधिकारियों ने बताया कि कुमार को शुरुआती बहस के बाद जबरन नवी मुंबई से मनोरमा खेडकर के पुणे स्थित बंगले में ले जाया गया। पुलिस को हालांकि अभी तक अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद नहीं हुई है और आगे की पूछताछ जारी है।

इस मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं का मानना है कि मनोरमा खेडकर का भी इसमें हाथ है। पुलिस के मुताबिक, मनोरमा ने कथित तौर पर पुलिस के काम में बाधा डालने के लिए कुत्तों को छोड़ा था और अपने पति और सालुंखे को भागने में मदद की थी।

पुलिस ने क्या बताया?

पुणे के बंगले में पुलिस कार्रवाई के दौरान, अधिकारी शुरू में अंदर प्रवेश नहीं कर पाए क्योंकि खेडकर ने दरवाजा खोलने से मना कर दिया था।

जब पुलिस अंदर पहुंची तो वह अपहरण किए गए कुमार को घर के अंदर से बचाने में सफल रही। घर में प्रवेश और कुमार को बचाने के लिए पुलिस को जबरन घर में घुसना पड़ा। पुलिस ने बताया कि क्योंकि मुख्य दरवाजा खोलने के लिए कोई नहीं था इसलिए पुलिसकर्मी लोहे के दरवाजे को कूदकर अंदर गए। हालांकि मनोरमा खेडकर अंदर नहीं थी।

चतुश्रृंगी पुलिस थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “यह जानते हुए कि पुलिस बाहर है, कुमार को छोड़ दिया गया और बंगले का गेट बंद कर दिया गया।”

चल रही जांच के परिणामस्वरूप मनोरमा खेड़कर के खिलाफ नोटिस जारी की गई हैं और मामले दर्ज किए गए हैं।

पूजा खेडकर कौन है?

पूजा खेडकर साल 2023 की आईएएस अधिकारी हैं। वह 2024 में उस वक्त सुर्खियों में आईं जब अनुचित मांगों और अनुशासनहीनता के चलते उन्हें पुणे से वाशिम स्थानांतिरत (तबादला) किया गया।

पूजा ने अपनी लक्जरी ऑडी कार पर अनधिकृत रूप से लाल बत्ती और महाराष्ट्र राज्य सरकार का चिन्ह भी लगाया था। इसके साथ ही पूजा पर यह भी आरोप लगा था आईएएस बनने के लिए गलत तरीके से अन्य पिछड़ा वर्ग सर्टिफिकेट और विकलांगता रियायतों का लाभ उठाया था।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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