वॉशिंगटनः निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला को कुछ समय के लिए अमेरिका चलाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता रोकने और देश के जर्जर हो चुके तेल ढांचे को दोबारा खड़ा करने के लिए इस संक्रमण काल की निगरानी जरूरी है।
इस बीच, वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आदेश दिया है कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभालेंगी। अदालत ने कहा कि यह फैसला प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्र की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
वहीं, ट्रंप ने भी दावा किया कि डेल्सी वॉशिंगटन के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने अमेरिका पर सीधा हमला बोलते हुए इसे सत्ता परिवर्तन की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला के तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के इरादे से की गई है और जोर देकर कहा कि वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति केवल निकोलस मादुरो ही हैं।
वेनेजुएला पर हमले की महीनेभर से तैयार हो रही थी योजना
अमेरिकी सेना के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल डैन केन ने बताया कि इस ऑपरेशन की योजना महीनों से बन रही थी। शनिवार तड़के 150 से अधिक अमेरिकी विमानों ने वेनेजुएला पर हमला बोला। कराकस शहर को पूरी तरह ब्लैकआउट कर दिया गया ताकि विशेष बल बिना किसी बाधा के मादुरो तक पहुंच सकें।
ट्रंप ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे हथकड़ियों और आंखों पर पट्टी के साथ एक अमेरिकी युद्धपोत पर नजर आए। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स ने बिना किसी प्रतिरोध के आत्मसमर्पण कर दिया। मार्को को अमेरिकी डेल्टा फोर्स के कमांडो ने पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस लाया गया, जहां एफबीआई एजेंटों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से मैनहैटन के उस हेलीपैड पर ले जाया गया, जो फेडरल दफ्तरों और अदालतों के पास है।
मादुरो पर न्यूयॉर्क में चलेगा नार्को-टेररिज्म का केस
न्यूयॉर्क में मादुरो पर नार्को-टेररिज्म पर केस चलेगा। उन्हें फेडरल कोर्ट में ट्रायल का सामना करना होगा। शुरुआती कानूनी प्रक्रिया के लिए उन्हें पहले ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी के कार्यालय ले जाए जाने की संभावना है। इसके बाद मादुरो को ब्रुकलिन स्थित हाई-सिक्योरिटी फेडरल जेल मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखा जाएगा, जहां वे मुकदमे की कार्यवाही का इंतजार करेंगे। मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित था और सोमवार को उनकी प्रारंभिक पेशी होने की उम्मीद है।
ट्रंप ने साफ कर दिया कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि वेनेजुएला की पूरी व्यवस्था को बदलने की शुरुआत है। उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पूछा गया कि वेनेजुएला पर कौन शासन करेगा तो उन्होंने तुरंत कहा कि “हम वेनेजुएला को चलाने जा रहे हैं। हम अपने लोगों को वहां नियुक्त कर रहे हैं।”
ट्रंप का ‘मास्टर प्लान’- तेल पर अमेरिकी कब्जा?
ट्रंप ने अपने बयान में वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को खास तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश का तेल क्षेत्र लगभग ठप पड़ चुका है और उसकी बहाली ही आर्थिक स्थिरता की कुंजी है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी तेल कंपनियां अरबों डॉलर का निवेश कर तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करेंगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि तेल से होने वाली आमदनी वेनेजुएला के लोगों और अमेरिका, दोनों को फायदा पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका न सिर्फ वहां मौजूद रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े पैमाने पर तेल की बिक्री भी करेगा।
अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि हमें जमीन पर सैनिकों से कोई डर नहीं है। ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी लोग पहले से ही शामिल थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि मादुरो सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को सत्ता में बने रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम जानते हैं कि वे कौन हैं और उन पर नजर रखी जा रही है।
वेनेजुएला की मौजूदा उपराष्ट्रपति के साथ काम करने के सवाल पर ट्रंप ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उनसे बातचीत हो चुकी है और वह वॉशिंगटन के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने इस पूरे कदम को अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि अमेरिका अपने पड़ोस में स्थिर और भरोसेमंद सरकारें चाहता है। उनके मुताबिक, वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधन वैश्विक स्थिरता के लिए अहम हैं।
लंबे समय तक शासन की आशंकाओं को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि इससे अमेरिकी करदाताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि तेल से होने वाली कमाई इस व्यवस्था की लागत खुद निकाल लेगी।
गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए हुए है और मादुरो सरकार पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोप लगाता रहा है। इन्हीं वजहों से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई और बड़े पैमाने पर लोगों का देश से पलायन हुआ।



