Home विश्व अमेरिकी कांग्रेस में ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की...

अमेरिकी कांग्रेस में ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की मांग, डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने उठाए सवाल

कांग्रेस सदस्य जेसन क्रो के नेतृत्व में 120 से ज्यादा डेमोक्रेटिक सांसदों ने पेंटागन से इस हमले और ईरान में जारी युद्ध के दौरान नागरिकों की मौतों को लेकर जवाब मांगा है।

0

वाशिंगटन: ईरान में एक गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिकी हमले का मामला अमेरिका की संसद में बहस का विषय बन गया है। अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने इस मामले में पेंटागन से जवाब मांगा है और घटना की पूरी जांच की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कम से कम 175 लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं थीं।

28 फरवरी को ईरान के मिनाब शहर में यह हमला ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुआ था। इस दौरान शाजारेह तैय्येबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं।

न्यू मैक्सिको के प्रतिनिधि गैब वास्केज ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को एक पत्र लिखकर इस मामले में विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि अमेरिकी सेना नागरिकों को नुकसान से बचाने और ऐसी घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने के लिए क्या कदम उठा रही है।

वास्केज और अन्य सीनेटरों ने पत्र में लिखा, “किसी भी परिस्थिति में नागरिकों और नागरिक ढांचे को हमले का लक्ष्य नहीं बनाया जा सकता। सभी पक्षों को हर हाल में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।”

उन्होंने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनाए गए उपायों और इस एयरस्ट्राइक में हुए नुकसान की जांच की मांग की।

पेंटागन से मांगा जवाब

कांग्रेस सदस्य जेसन क्रो के नेतृत्व में 120 से ज्यादा डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी पेंटागन से इस हमले और ईरान में जारी युद्ध के दौरान नागरिकों की मौतों को लेकर जवाब मांगा है।

सीनेटरों ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता उस घटना को लेकर है, जिसमें एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ। इस हमले में कम से कम 175 लोग मारे गए, जबकि करीब 100 बच्चे और स्टाफ घायल हुए।

सीनेटरों ने पेंटागन से यह भी पूछा है कि हमले के दौरान टारगेट चुनने की प्रक्रिया क्या थी, नागरिकों को नुकसान का खतरा कितना आंका गया था और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सेना ने क्या कदम उठाए? यह भी सवाल उठाया कि क्या लक्ष्य चुनने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। अगर किया गया था, तो क्या हमले की अनुमति देने से पहले इंसानी स्तर पर उसकी जांच और पुष्टि की गई थी।

सीनेटरों ने मांग की है कि स्कूल पर हुए हमले और अन्य नागरिक हताहतों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

इस बीच कुछ वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। इनमें मार्क वॉर्नर, ब्रायन शैट्ज, पैटी मरे, जीन शाहीन, जैक रीड और क्रिस कून्स शामिल हैं।

इन सीनेटरों ने कहा, “स्कूल के बच्चों की हत्या किसी भी परिस्थिति में बेहद भयावह और अस्वीकार्य है। इस घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”

अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- जांच शुरू हो गई है

बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। कमांड स्तर की यह जांच तब तक जारी रहेगी, जब तक इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को पूरी तरह समझ नहीं लिया जाता।

हेगसेथ ने यह भी कहा कि जांच में हमले की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद उसके नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे। अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।

सांसदों द्वारा भेजे गए पत्रों के अनुसार इस सैन्य अभियान के दौरान अब तक 1,000 से ज्यादा नागरिकों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई है कि कुछ हमले स्कूलों, अस्पतालों, सार्वजनिक जगहों और अन्य नागरिक ढांचों पर भी हुए हैं।

author avatar
IANS
Indo-Asian News Service (IANS) भारत की एक निजी समाचार एजेंसी है। यह विभिन्न विषयों पर समाचार, विश्लेषण आदि प्रदान करती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version