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Delhi Weather Update: दिल्ली एनसीआर में AQI ‘बेहद खराब’ श्रेणी, आने वाले दिनों में नहीं है राहत की उम्मीद

दिल्ली में मौसम बेहद खराब बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई बेहद खराब बनी हुई है और आने वाले दिनों में मौसम ऐसा ही रहने वाला है।

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दिल्ली की हवा बेहद खराब, फोटोः आईएएनएस

Delhi-NCR Weather: दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। गुरुवार, 6 नवंबर को क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। इससे पहले बीते दो दिनों से वायु की गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला था और मौसम साफ था। हालांकि गुरुवार को दिन भर धुंध छाई रही। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद नहीं है।

6 नवंबर को सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 278 था लेकिन प्रदूषण का स्तर फिर से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया और एक्यूआई 311 हो गया। वहीं, बुधवार को एक्यूआई 202 था। यह खराब श्रेणी में था।

केंद्र सरकार का पूर्वानुमान

केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता अगले छह दिनों तक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रहेगी। हवा में प्रमुख प्रदूषक PM2.5 बना हुआ है जो खतरनाक AQI स्तरों में भारी योगदान दे रहा है।

इस बीच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित पड़ोसी शहरों में AQI ‘खराब’ स्तर पर दर्ज किया गया।

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मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ेगी और दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी तथा 6 नवंबर की शाम और रात के दौरान इसकी गति घटकर 10 किमी प्रति घंटे से नीचे आ जाएगी।

वहीं, हरियाणा में फरीदाबाद में 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता 218 के आसपास रही जबकि मानेसर में एक्यूआई 269 रहा जो सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार ‘खराब’ श्रेणी में है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 257 और 228 अंक दर्ज किए गए तथा गाजियाबाद में 266 अंक दर्ज किए गए जो सभी ‘खराब’ श्रेणी में हैं।

सीपीसीबी ने क्या कहा?

सीपीसीबी के अनुसार, 0-50 के बीच का AQI स्कोर ‘अच्छा’ माना जाता है और इसका न्यूनतम प्रभाव होता है जबकि 51-100 ‘संतोषजनक’ होता है और इससे संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली परेशानी होती है।

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100-200 के बीच का AQI ‘मध्यम’ होता है और इससे फेफड़ों, अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है, 201-300 ‘खराब’ होता है और इससे लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। 301-400 ‘बहुत खराब’ होता है और इससे लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है और 401-500 ‘गंभीर’ होता है जो स्वस्थ लोगों को प्रभावित करता है और पहले से बीमार लोगों को भी प्रभावित करता है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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