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बकरीद पर गाय-बछड़ों की कुर्बानी नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं मारे जाएंगे जानवर; दिल्ली सरकार के सख्त निर्देश

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी साफ किया कि बकरीद के अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह गैरकानूनी है। इसका पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई है।

Eid Al Adha
फाइल फोटो

नई दिल्ली: बकरीद में जानवरों को मारे जाने को लेकर दिल्ली सरकार ने कुछ सख्त गाइडलाइन जारी किए हैं। दिल्ली सरकार में विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को पशु कल्याण कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। कपिल मिश्रा ने अवैध तरीके से पशुओं को लाने-ले जाने, अनधिकृत तरीके से मारने और पशुओं के प्रति क्रूरता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

एक्स पर भी कपिल मिश्रा की ओर से वीडियो जारी कर निर्देशों की जानकारी दी गई है और कहा कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान, कपिल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने और कानूनी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पशु बलि केवल अधिकृत और निर्धारित स्थानों पर ही दी जाए।

गाय, बछड़ों, ऊंटों की कुर्बानी नहीं

मंत्री के कार्यालय द्वारा कल जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, कपिल मिश्रा ने बकरीद के दौरान गायों, बछड़ों, ऊंटों और अन्य निषिद्ध पशुओं के वध या बलि पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़कों, गलियों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की बलि नहीं दी जानी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अवैध वध, पशु क्रूरता या पशुओं के अवैध परिवहन से संबंधित शिकायतें प्राप्त होने पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए।

मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बकरीद के अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह गैरकानूनी है। दिल्ली सरकार के मुख्य दिशानिर्देशों के अनुसार बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों या पार्कों में किसी भी प्रकार की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही दी जा सकेगी। कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे, खून या अन्य अवशेषों को नालियों, सीवरों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर फेंकना सख्ती से प्रतिबंधित है।

साथ ही, बाजारों में अवैध रूप से मवेशियों की खरीद-बिक्री, सड़कों पर अस्थायी पशु बाजार लगाना और जानवरों की गैरकानूनी तस्करी पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।

कपिल मिश्रा ने दिल्लीवासियों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए दिखे तो तुरंत दिल्ली पुलिस या दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय को सूचित करें। मंत्री ने कहा कि त्योहार शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में मनाया जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में भी दिशा-निर्देश हुए हैं जारी

पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पिछले हफ्ते पशु वध को लेकर एक विशेष नोटिफिकेशन जारी किया था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में 1950 के पुराने पशु वध नियंत्रण कानून को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है। इस एक्ट के अनुसार केवल 14 साल से ज्यादा उम्र के या स्थायी रूप से अक्षम जानवरों को ही कत्ल किया जा सकता है। इसके लिए भी प्रमाण-पत्र जरूरी है।

इसे लेकर दूसरा पक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बकरीद पर गाय की कुर्बानी इस्लाम में जरूरी नहीं है। कोर्ट ने राज्य को यह भी आदेश दिया कि वह अधिसूचना में संशोधन करे और उसमें स्पष्ट रूप से यह शामिल करे कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर गायों और भैंसों सहित पशुओं का वध करना सख्त वर्जित है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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