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दिल्ली कार ब्लास्टः आतंकी उमर मोहम्मद के पुलवामा घर को सुरक्षाबलों ने ध्वस्त किया

पुलिस के अनुसार उमर इस अंतरराज्यीय व्हाइट कॉलर मिलिटेंट नेटवर्क का मुख्य चेहरा था, जो डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स के जरिए काम कर रहा था।

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Dr Umar Nabi at Quil village in Pulwama house demolised
लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के आरोपी आतंकवादी उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन नबी के घर को सुरक्षाबलों ने मंगलवार तड़के ध्वस्त कर दिया। IANS

दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के आरोपी आतंकवादी उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन नबी के घर को सुरक्षाबलों ने मंगलवार तड़के ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पुलवामा के कील गांव में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने रात में पूरी बस्ती को घेरकर ऑपरेशन चलाया। घर को गिराने के लिए नियंत्रित आईईडी विस्फोट का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई से पहले परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

पुलिस के अनुसार उमर इस अंतरराज्यीय व्हाइट कॉलर मिलिटेंट नेटवर्क का मुख्य चेहरा था, जो डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स के जरिए काम कर रहा था। सोमवार (10 नवंबर) की शाम लाल किले के पास हुए धमाके में उसी की हुंडई i20 कार इस्तेमाल हुई थी। भारी ट्रैफिक के बीच हुए इस धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए। डीएनए जांच में भी यह पुष्टि हो चुकी है कि कार में मिले अवशेष उसी के थे।

सीसीटीवी में कैद हुई थी उमर की सारी गतिविधि

जांच में पता चला कि धमाके से पहले उमर दिल्ली में कई जगहों पर देखा गया। एक मस्जिद में कुछ वक्त बिताने के बाद वह कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल से गुजरता दिखा था। करीब 2.05 बजे वह विस्फोटकों से भरी कार चलाकर मयूर विहार की ओर बढ़ा और अंत में लाल किले के पास पहुंचा, जहां धमाका हुआ।

उमर का कनेक्शन फरीदाबाद के धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से भी मिला है, जहां वह डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। इसी नेटवर्क से जुड़े डॉक्टर मुजम्मिल की गिरफ्तारी फरीदाबाद में हुई थी, जहां लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ। जांच एजेंसियों को शक है कि यह मॉड्यूल कई कार ब्लास्ट की योजना बना रहा था, लेकिन समय रहते इसे पकड़ा गया।

इसे भी पढ़ेंः Delhi Blast: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने में जुटी NIA, भर्तियों और हॉस्टल की भी जांच

फिलहाल एनआईए, जम्मू-कश्मीर पुलिस, यूपी पुलिस, हरियाणा पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस व्हाइट कॉलर मिलिटेंट नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि अब तक यूपी के पांच डॉक्टरों- डॉ अदील अहमद राथर, डॉ शहीन सईद, डॉ परवेज़ अंसारी, डॉ फारूक और डॉ मोहम्मद आरिफ को हिरासत में लिया गया है।

अहमद राथर के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस की मांग

जांच के दौरान डॉ मुफ्ती मुजफ्फर अहमद राथर का नाम भी सामने आया है, जो पुलवामा का रहने वाला है और फिलहाल उसके अफगानिस्तान में छिपे होने की आशंका है। पुलिस ने उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वह डॉ अदील अहमद राथर का भाई है, जिसे इस नेटवर्क में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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