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दिल्ली धमाके में एक और गिरफ्तारी, NIA ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के MBBS छात्र को बंगाल से किया अरेस्ट

पिछले कुछ दिनों में पुलिस की कई टीमों ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर 52 डॉक्टरों से पूछताछ की है। जांच एजेंसियां डॉक्टर मुजम्मिल शाकिल, डॉक्टर शहीन शाहिद और डॉक्टर उमर मोहम्मद के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

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New Delhi: Police personnel stand near the charred remains of vehicles at the site of a car blast near Gate No. 1 of the Red Fort Metro Station, in New Delhi, Monday, November 10, 2025. (IANS/Wasim Sarvar)

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुई कार विस्फोट की जांच में बड़ी कार्रवाई हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद के एक एमबीबीएस छात्र को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उत्तर दिनाजपुर जिले के दालखोला इलाके से की गई। राज्य पुलिस सूत्रों ने शनिवार सुबह इसकी पुष्टि की।

गिरफ्तार छात्र का नाम निसार आलम है। वह मूल रूप से दालखोला का रहने वाला है, हालांकि उसका परिवार कई साल पहले पंजाब के लुधियाना में बस गया था। इस सप्ताह वह अपनी मां और बहन के साथ एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने दालखोला आया था। इसी दौरान एनआईए ने उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की और शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

शनिवार ट्रांजिट रिमांड पर लेगी एनआईए

गिरफ्तारी के बाद आलम को पहले इस्लामपुर थाने ले जाया गया, जहां उससे करीब दो घंटे पूछताछ हुई। इसके बाद उसे दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी शिफ्ट कर दिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एनआईए टीम उसे शनिवार को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जा सकती है।

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दालखोला के कोनाल गांव के स्थानीय लोगों ने बताया कि आलम का परिवार भले ही लुधियाना चला गया था, लेकिन उनके रिश्तेदार अब भी यहां रहते हैं, जिसके कारण वे समय-समय पर गांव आते थे। ग्रामीणों ने कहा कि निसार आलम बेहद शांत, शिष्ट और सौम्य स्वभाव का युवक है, और उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उसका किसी उग्रवादी गतिविधि से संबंध हो सकता है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में

इसी बीच फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में है। हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से करीब 27 किलोमीटर दूर स्थित इस निजी विश्वविद्यालय का नाम हाल के दिनों में इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि विस्फोटक बरामदगी और दिल्ली में हुए धमाके में इसके छात्रों के नाम सामने आए हैं। धमाके में 12 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए थे। जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से 2019 से अब तक के रिकॉर्ड मांगे हैं। इसकी फंडिंग की जांच होगी।

पिछले कुछ दिनों में पुलिस की कई टीमों ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर 52 डॉक्टरों से पूछताछ की है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से दो डॉक्टर, दो स्टाफ सहित 5 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं इस मॉड्यूल में 8 से 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं जिनमें 6 डॉक्टर शामिल हैं।

डॉ मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया है जो कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है। उसपर 2900 किलो विस्फोटक जुटाने का आरोप है। व्हाइट कॉलर मॉड्यूल की डॉ. शाहीन सईद को यूपी के लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। शाहीन मुजम्मिल की करीबी है और उसकी कार से राइफल भी पकड़ी गई थी।

इस मॉड्यूल से जुडे एक और आतंकी डॉक्टर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था जिसका नाम परवेज अंसारी है। परवेज के ठिकानों से मॉड्यूल से जुड़े फोन और कई दस्तावेज मिले हैं।

कश्मीर के काजीकुंड का रहने वाला डॉक्टर आदिल अहमद भी पकड़ा गया है जिसपर जैश के धमकी वाले पोस्टर लगाने का आरोप है। उसके लॉकर से एके-47 बरामद की गई है। इसी तरह पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर सज्जाद अहमद भी गिरफ्तार हुआ है। सज्जाद डॉक्टर उमर का दोस्त है जो पुलवामा-ठिकाने वाले मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है।

पुलिस ने कश्मीर के कुलगाम का रहने वाला डॉक्टर तजामुल अहमद मलिक को भी गिरफ्तार किया है। इसका भी जुड़ा आतंकी मॉड्यूल से है। जांच एजेंसियां डॉक्टर मुजम्मिल शाकिल, डॉक्टर शहीन शाहिद और डॉक्टर उमर मोहम्मद के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। इन तीनों पर जैश-ए-मोहम्मद के एक मॉड्यूल को चलाने का संदेह है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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