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दिल्लीः खराब AQI के बीच सरकार ने कुछ प्रतिबंध लागू किए, जानें क्या अनुमति और क्या बैन लगाए गए?

दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। इसमें दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-3 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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दिल्ली सरकार ने खराब एक्यूआई के बीच कुछ प्रतिबंध लागू किए, फोटोः आईएएनएस

दिल्ली-एनसीआरः दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले सप्ताह से काफी हद तक ‘बहुत खराब श्रेणी’ में बना हुआ है तथा सरकार ने बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए प्रदूषण-रोधी उपाय शुरू किए हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार (8 नवंबर) सुबह राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह 8 बजे 355 था।

शनिवार को दोपहर 3 बजे तक दिल्ली के बवाना में AQI सबसे खराब 410 था जबकि द्वारका में अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा देखी गई जहां वायु गुणवत्ता 201 थी। राजधानी में लगातार खराब वायु गुणवत्ता के कारण सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए कुछ उपाय किए हैं।

BS-III माल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेशानुसार 1 नवंबर से दिल्ली में सभी गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-III और निम्न मानक वाले वाणिज्यिक माल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बीएस का मतलब भारत स्टेज उत्सर्जन मानक है – वर्तमान मानक बीएस-VI है – जो भारत में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य नियम हैं। ये मानक किसी इंजन द्वारा उत्सर्जित होने वाले प्रदूषकों की अधिकतम मात्रा को दर्शाते हैं।

आयोग ने एक बयान में कहा कि इस कदम का उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना तथा राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।

आदेश के मुताबिक, बीएस-IV मानकों को पूरा न करने वाले गैर-दिल्ली-पंजीकृत हल्के माल वाहन (एलजीवी), मध्यम माल वाहन (एमजीवी) और भारी माल वाहन (एचजीवी) को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दिल्ली सरकार के कामकाज के समय में भी बदलाव

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस बीच कहा कि एहतियात के तौर पर दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के कार्यालयों के काम के घंटे बदले जा रहे हैं। सरकार की तरफ से जारी की गई विज्ञप्ति के मुताबिक, यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है की राजधानी की सड़कों पर वाहनों का दबाव एकाएक न बढ़े समान रूप से वितरित हो।

मौजूदा समय में दिल्ली सरकार के कार्यालयों का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक है जबकि दिल्ली नगर निगम सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करता है। केवल आधे घंटे के अंतराल के कारण सुबह और शाम दोनों समय भारी यातायात और भीड़भाड़ रहती है। सीएम गुप्ता ने कहा कि खुलने और बंद होने के समय के बीच अधिक अंतराल होने से सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी।

इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी लोगों से कारपूलिंग का विकल्प चुनने और दूसरों के साथ यात्रा करने का आग्रह किया है ताकि उनके वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री ने मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक बार उपयोग करने की भी सिफारिश की है।

उन्होंने निजी कंपनियों से अपील की है कि वे राजधानी में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए घर से काम करने की व्यवस्था को अधिक प्राथमिकता दें।

इसके अलावा दिल्ली नगर निगम ने पार्किंग स्थलों में पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि पार्किंग शुल्क “ग्रैप के दूसरे चरण के निरस्त होने तक मौजूदा शुल्क से दोगुना कर दिया गया है।”

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ोतरी सड़क पर पार्किंग या मासिक पास धारकों पर लागू नहीं होगी। यह बढ़ोतरी पिछले दो वर्षों से राजधानी में सर्दियों के मौसम में लागू की जाती रही है। संशोधित पार्किंग दरें अब चार पहिया वाहनों के लिए ₹ 40 प्रति घंटा और दो पहिया वाहनों के लिए ₹ 20 प्रति घंटा हैं। शुल्क दोगुना होने के बाद बसों के लिए दरें ₹ 300 प्रति घंटा हो गई हैं।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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