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दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बीच ये 16 मेट्रो स्टेशन सुबह से बंद, मुंबई में 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू

ये सभी स्टेशन संसद, जंतर-मंतर और अन्य हाई-सिक्योरिटी इलाकों के आसपास स्थित हैं।

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Delhi Metro
फाइल फोटो- IANS

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के जारी प्रदर्शन के मद्देनजर और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गुरुवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने की घोषणा की है। DMRC ने अपने सर्विस अपडेट में कहा कि इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी। दूसरी ओर मुंबई पुलिस ने 6 अगस्त तक के लिए शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

कौन से 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए?

डीएमआरी के अनुसार जिन मेट्रो स्टेशन को बंद किया गया है, उनमें- लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस शामिल हैं। साथ ही सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम स्टेशन को भी बंद किया गया है।

ये सभी स्टेशन संसद, जंतर-मंतर और अन्य हाई-सिक्योरिटी इलाकों के आसपास स्थित हैं। सीजेपी द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है, जिसके चलते एहतियातन इन स्टेशनों को बंद किया गया है। हालांकि, जिन यात्रियों को लाइन बदलनी है, वे राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज का इस्तेमाल कर सकेंगे।

संसद सत्र के बीच सीजेपी का प्रदर्शन

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है। इस समय NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे पर सीजेपी के प्रदर्शन के साथ-साथ विपक्ष का विरोध संसद में छाया हुआ है। इससे पहले बुधवार को भी एहतियात के तौर पर इन्हीं 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, जबकि इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई थी।

बता दें कि विरोध प्रदर्शन की शुरुआत इसी साल हुए नीट परीक्षा के पेपर लीक की बात सामने आने को लेकर हुई। हालांकि, कुछ दिन बाद नीट की परीक्षा फिर से आयोजित कराई गई और नतीजे भी आ चुके हैं। इसके बावजूद लीक का मुद्दा खत्म नहीं हुआ है। हाल फिलहाल में कुछ और परीक्षाओं में भी ऐसी खामियां देखने को मिली थी। इसी को मुद्दा बनाते हुए सीजेपी ने करीब 20 दिन पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था।

20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन हुआ, जिसमें व्यापक हिंसा और झड़प देखने को मिली। कई जगहों पर प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने दिखे। इस भिड़ंत ने माहौल और गर्मा दिया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद की ओर मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं।

दूसर ओर सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने जून के आखिरी हफ्ते में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर पहले सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्हें मेदांता अस्पताल भेज दिया गया।

मुंबई में 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू

इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। पुलिस ने नागरिकों से आदेशों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 900 लोगों के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज की हैं।

पुलिस द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर शहर में शांति भंग होने, सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने, लोगों की जान को खतरा होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसी वजह से पूरे मुंबई में एहतियात के तौर पर यह निषेधाज्ञा लागू की गई है। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।

यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 के तहत जारी किया गया है। इस कानून के तहत पुलिस को सार्वजनिक शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए विशेष प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।

आदेश के अनुसार, इस दौरान हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा किसी व्यक्ति, शव या पुतले का सार्वजनिक प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर नारेबाजी, गीत गाना, संगीत बजाना, भाषण देना या लोगों को संबोधित करना भी प्रतिबंधित रहेगा।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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