Datia Assembly Bypoll: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। टिकट नहीं मिलने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने काफी बवाल काटा। बाजार बंद कराने की कोशिश की। शुक्रवार को करीब 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) जाम रखा। गुस्साए समर्थकों ने पुलिस पर पथराव भी किया जिसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बताया जा रहा है कि पथराव में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) समेत कई पुलिस अधिकारी व जवान घायल हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार, तीन हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों ने दतिया में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने की भी कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। कई पुलिस वाहनों और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
क्या है पूरा मामला?
दतिया सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने करीब 7,500 वोटों से हराया था। हालांकि, इसी साल अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। बाद में भारती को जमानत मिल गई, लेकिन उनकी अयोग्यता के कारण सीट खाली हो चुकी है।
भाजपा में माना जा रहा था कि इस उपचुनाव में पार्टी एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मिश्रा ने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन शुक्रवार को भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिसके बाद उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा।
प्रदर्शन के बाद भाजपा की जिला इकाई के कई पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, समर्थकों का कहना है कि जब तक नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया जाएगा, उनका विरोध जारी रहेगा। कुछ समर्थकों ने भाजपा छोड़ने तक की चेतावनी भी दी है।
12 घंटे तक हाईवे जाम, पुलिस पर पथराव
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने करीब 11 से 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम रखा। प्रशासन ने कई बार उन्हें शांतिपूर्वक हटाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
वानखेड़े के मुताबिक, हिंसा में एएसपी, डीएसपी, एसडीओपी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए, जबकि पुलिस और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का टिकट वितरण उसका आंतरिक मामला है, लेकिन इसके कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि तीन हजार से अधिक लोगों ने कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने का प्रयास किया और करीब 12 घंटे तक सड़क जाम रखी। पुलिस ने उन्हें मॉडल आचार संहिता का हवाला देकर समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ ने पथराव शुरू किया तो आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।
कब होगा मतदान?
निर्वाचन आयोग ने दतिया समेत देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है। अन्य दो सीटें बिहार और गुजरात में हैं। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि नतीजे 3 अगस्त को आएंगे। चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीआरपीएफ की 16 कंपनियां तैनात करने की भी तैयारी की है।
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