मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार (6 अगस्त) को एलान किया कि वह राजनीति में जाने की बजाय प्रेशर ग्रुप (दबाव समूह) की तरह काम करेगी। सीजेपी ने यह घोषणा महाराष्ट्र के संभाजीनगर में आयोजित पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक के 2 दिन बाद किया है। सीजेपी ने कहा कि वह ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन के जरिए देशभर में इसकी शुरुआत करेंगे।
संभाजीनगर में हुई इस बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सीजेपी देशभर में नागरिकों के लिए एक दबाव समूह के रूप में काम करेगी। इसके तहत वह देशभर में बेरोजगारी, शिक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और अन्य संस्थागत सुधारों की बात करेगी। इसके लिए वह ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से एक कैंपेन की शुरुआत अगले महीने सितंबर से करेगी।
CJP देशभर में शुरू करेगी कैंपेन
सीजेपी ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन के जरिए अपने प्रतिनिधियों को भी शामिल करेगी जिसमें वह विभिन्न समस्याओं पर लोगों के विचार सुनेंगे और यह भी जानने का प्रयास करेगी कि वह मौजूदा राजनैतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर क्या सोचते हैं?
अभिजीत दिपके ने कहा कि ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन के दौरान हम यह जानेंगे कि लोग मौजूदा परिस्थिति के बारे में देश के लोग क्या सोचते हैं और वे किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं?
दिपके ने इस दौरान स्पष्ट किया कि “अब से, सीजेपी एक दबाव समूह होगी क्योंकि भारत को अभी एक दबाव समूह की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि उनके संगठन का काम शिक्षा के मु्द्दों से जुड़े सवालों के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी काम करेगा। संगठन शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सवालों पर भी विचार करेगा।
दिपके ने कहा कि “चाहे राजनीतिक व्यवस्था हो, न्यायपालिका हो, मीडिया हो या चुनाव आयोग हो, वास्तविकता यह है कि लोग इन सभी संस्थाओं से विश्वास खो चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सीजेपी लोगों के दबाव के जरिए इन संस्थानों की जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहते हैं। दिपके ने इस दौरान यह भी कहा कि ” मेरी राय में आज की राजनैतिक व्यवस्था बहुत बुरी अवस्था में है।”
दिपके ने कहा कि बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है जिसे संगठन देशभर में उठाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही शिक्षा सुधार पर भी काम करने की बात कही। वहीं, शिक्षा में लगने वाले खर्च को लेकर भी सवाल किए। दिपके ने कहा ” स्कूली शिक्षा के समय से ही पढ़ाई-लिखाई महंगी हो रही है। शिक्षा का इस्तेमाल लाभ कमाने के लिए किया जा रहा है। लेकिन हम इसे बदलना चाहते हैं।”
युवा होंगे संगठन का फोकस
अभिजीत दिपके ने कहा कि सीजेपी के देशव्यापी कैंपेन में युवा मुख्य फोकस होंगे। उन्होंने कहा कि देश के 60 फीसदी लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। दिपके ने कहा कि बीते महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया था।
बताते चलें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी ने हाल ही में नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर एक प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन बड़े स्तर पर हुआ जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र और लोग जुटे। यह प्रदर्शन 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ।
सीजेपी कोर ग्रुप की दो दिनों की बैठक में सीजेपी को धरातल पर मजबूत करने और उपस्थिति बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसमें विभिन्न राज्यों में इसकी पहुंच बढ़ाने, संस्थागत नेटवर्क को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
दिपके ने इस दौरान उन अटकलों को खारिज कर दिया जिसमें सीजेपी के राजनीति में प्रवेश करने संबंधी बातें की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल संगठन का राजनीति में आने का कोई विचार नहीं है। इसके बजाय संगठन देशभर में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधारों की बात करेगा।
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