कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर से धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार के साथ बातचीत के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सभी मांगें मान लिए जाने के बाद सीजेपी प्रदर्शन खत्म कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी ने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलन से जुड़ी दो और मांगों पर सहमत हो गई है। सौरव दास ने कहा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा।’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों में से किसी के भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमत हो गई है। नड्डा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही उन बच्चों के परिवारों के लिए मुआवजे की रकम तय करेगी, जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या कर ली थी।
यह घटनाक्रम धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ ही समय आया। एक्स पर शेयर किए गए एक पत्र में प्रधान ने कहा कि पिछले दस दिनों में हुई घटनाओं से उन्हें दुख हुआ है और यह फैसला देश की एकता के हित में लिया गया है। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘कॉकरोच जीते, लोकतंत्र जीता।’
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी घोषणा की कि पार्टी की सभी मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से तुरंत अपना आंदोलन खत्म करते हुए शांतिपूर्वक घर लौटने का आग्रह किया। रांका ने साथ ही कहा कि पार्टी अपनी भविष्य की रणनीति और आगे के कदम के बारे में बाद में जानकारी देगी।
‘दिल्ली ही नहीं, सभी भाजपा शासित राज्यों में नहीं होगी कार्रवाई’
सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन राउंड की बातचीत की। जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, हमारी तीन मुख्य मांगें थीं- शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, एफआईआर वापस ली जाएं और प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल नहीं किया जाए।
सीजेपी ने कहा कि हमारी मांग थी कि नीट पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है। हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं। सरकार ने वह मांग भी मान ली है। जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी।
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी एफआईआर की कॉपी शेयर करेगी, हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं। हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी। सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ शेयर करेगी। हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन एफआईआर और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के बारे में सरकार की गारंटी मिल जाएगी।
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे सोनम वांगचुक ने सीजेपी के धरना खत्म करने के ऐलान के बाद कहा, ‘मैं सरकार और धर्मेंद्र प्रधान द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत और सम्मान करता हूं, और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। आज हमने लोकतंत्र की जीत देखी है। मैं अपनी CJP टीम को बधाई और धन्यवाद देता हूं जिन्होंने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया, साथ ही उन वॉलंटियर्स को भी जिन्होंने उनका साथ दिया, और देश भर के उन छात्रों, युवाओं और बुजुर्गों को भी जिन्होंने लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई।’
वांगचुक ने आगे कहा, ‘सबसे जरूरी बात, मैं उस तरीके का सम्मान करता हूं जिससे उन्होंने शांति बनाए रखी। मुझे उम्मीद है कि हम यह शांति बनाए रखेंगे और भविष्य में कहीं भी कोई गलत काम नहीं होगा…हमें सुधारों पर काम करने की जरूरत है। कोई देश सिर्फ इस्तीफे से नहीं बनता। शिक्षा में सुधार होना चाहिए, और उस पर आगे काम किया जाना चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि सरकार ने जिस उदारता के साथ यह कदम उठाया है, वही उदारता सुधार की कोशिशों में भी दिखेगी। सिर्फ शिक्षा में ही नहीं, बल्कि शासन-व्यवस्था में भी सुधार होंगे। मुझे उम्मीद है कि अब से देश को चलाने का तरीका बदलेगा। देश प्यार और स्नेह से चलेगा, डर से नहीं, और अन्याय के बजाय सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।’
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
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