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छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी पर हंगामा, कांग्रेस ने लगाया अव्यवस्था का आरोप; कार्यवाही का बहिष्कार

सदन में प्रश्नकाल के बाद शून्य काल में धान खरीदी का मुद्दा उठा। मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। विपक्षी दल कांग्रेस ने धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाया।

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Bastar: Workers unload sacks of paddy from a tractor trolley brought by a farmer for sale at a Government paddy procurement centre, in Jagdalpur, Bastar district, on Friday, November 21, 2025. (Photo: IANS)

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा की शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सदन में धान खरीदी का मुद्दा उठा। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया। किसानों को हो रही दिक्कतों पर काम रोको प्रस्ताव के तहत चर्चा करवाने की मांग की। मांग अस्वीकार होने पर विपक्ष ने पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन में रविवार से शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई। पहले दिन विजन डॉक्यूमेंट 2047 विषय पर चर्चा रखी गई। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल में बेरोजगारी भत्ता रोकने का मामला उठा।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की योजना को वर्तमान सरकार बिना आदेश, निकाले ही बंद कर रही है। विरोध जताते हुए कांग्रेस के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

धान खरीदी में गड़बड़ी का आरोप, कार्यवाही का बहिष्कार

सदन में प्रश्नकाल के बाद शून्य काल में धान खरीदी का मुद्दा उठा। मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। विपक्षी दल कांग्रेस ने धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने आसंदी से इस विषय पर काम रोको प्रस्ताव के तहत चर्चा करवाने की मांग की। आसंदी ने प्रस्ताव की ग्राहता पर चर्चा की अनुमति दी।

समर्थन में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के विधायकों ने समस्याओं को सदन में रखा। इन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में धान खरीदी की खामियां गिनाई। विपक्ष ने खरीदी व्यवस्था पर कई तरह से सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, सत्तापक्ष के मंत्री और विधायकों ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

आसंदी ने भी विषय को गंभीर नहीं माना और काम रोककर चर्चा की मांग खारिज कर दी। इस पर कांग्रेस के विधायकों ने विरोध में जमकर नारेबाजी की। विरोध करते हुए विपक्ष ने सदन के दूसरे दिन आगे की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। हालांकि सत्ता पक्ष ने, विपक्ष के रवैए को चर्चा से भागने वाला बताया।

भूपेश बघेल ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मौजूदा हालात देखकर लगता है कि सरकार की मंशा धान खरीदने की नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सिस्टम को बर्बाद कर रही है ताकि धान खरीदी को निजी हाथों में सौंपा जा सके। दूसरे राज्यों में सरकार अनाज नहीं खरीद रही है। इनके मित्रों ने धान, गेहूं के बड़े बड़े गोदाम बनाकर रखे हैं। वैसे ही छत्तीसगढ़ के धान को भी इनके मित्र लोग खरीदें, यह षडयंत्र कर रहे हैं।

धान खरीदी से जुड़ी अन्य जानकारियां

छत्तीसगढ़ के 2739 खरीदी केन्द्रों में धान खरीदा जा रहा है। 15 नवम्बर 2025 से धान खरीदी शुरू हुई है, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। छत्तीसगढ़ में अबतक 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है। इसके एवज में किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। वहीं अवैध धान परिवहन और भण्डारण के 2000 से ज्यादा केस सामने आएं हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।

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प्रवीण सिंह
छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले का रहने वाला हूं। पिछले 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिष्ठित चैनल ईटीवी और सहारा समय के प्रदेश में पहले रिपोर्टर, 2001 में मुंबई से रायपुर आने के बाद लगातार विभिन्न चैनलों , प्रिंट और ईटीवी भारत की वेबसाइट में भी अपनी सेवाएं दी है।

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