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करूर भगदड़ मामले में सीबीआई ने टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए किया तलब

करूर भगदड़ मामले में सीबीआई ने टीवीके पार्टी के प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें 12 जनवरी को बुलाया गया है।

CBI SUMMONED TVK CHIEF VIJAY, सीबीआई
विजय, फोटोः आईएएनएस

चेन्नईः करूर भगदड़ की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता और तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के प्रमुख विजय को नोटिस जारी कर 12 जनवरी को पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल अक्टूबर में जांच को सीबीआई को सौंपे जाने के बाद से सीबीआई टीवीके के शीर्ष नेताओं से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

एक्टर विजय को सीबीआई ने किया तलब

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने अब इस मामले में विजय को तलब करने का फैसला किया है जिसके बाद मामले में चार्जशीट दाखिल करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

यह भगदड़ 27 सितंबर 2025 को करूर के वेलुस्वामीपुरम में विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई थी। भीड़ प्रबंधन में गड़बड़ी और विजय के कार्यक्रम स्थल पर देरी सहित कई कारणों से भगदड़ मची जिसमें 41 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।

विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ महीने पहले ही अपनी पार्टी का राजनीतिक अभियान शुरू करने वाले अभिनेता को इस घटना के बाद व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। पिछले साल अक्टूबर में विजय ने पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की और घटना के लिए माफी मांगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच

मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा पहले जांच किए जा रहे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर को सीबीआई को सौंप दिया था। यह कदम टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उठाया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच की निगरानी के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया है जिसमें तमिलनाडु कैडर के दो आईपीएस अधिकारी शामिल हैं जो तमिलनाडु के मूल निवासी नहीं हैं।

अदालत ने कहा कि “यह मामला निश्चित रूप से नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है और इस घटना ने राष्ट्रीय चेतना को झकझोर दिया है जिसकी निष्पक्ष और तटस्थ जांच होनी चाहिए। अतः, अंतरिम उपाय के रूप में जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश जारी किया जाना चाहिए, जिससे न्याय का निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित हो सके। इसमें कोई संदेह नहीं है कि निष्पक्ष जांच एक नागरिक का अधिकार है।”

4 दिसंबर, 2025 को करूर कलेक्टर एम. थंगावेल 27 सितंबर को रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की जान लेने के मामले में सीबीआई अधिकारियों के सामने फिर पेश हुए थे।

तीन दिनों के भीतर केंद्रीय एजेंसी के सामने यह उनकी दूसरी पेशी थी। समन के आधार पर श्री थंगावेल मंगलवार (2 दिसंबर, 2025) को अधिकारियों से मिले। उनसे दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई और उन्होंने एजेंसी द्वारा तैयार किए गए सवालों की एक लंबी श्रृंखला के जवाब दिए।

इस टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीण कुमार कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और उप पुलिस अधीक्षक भी इस टीम का हिस्सा हैं, जो करूर में डेरा डाले हुए है। उनके आगमन पर, टीम ने कलेक्ट्रेट के पास स्थित सर्किट हाउस में चर्चा की।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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