नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 में नए साल के समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में एक महिला की मौत के मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें गैर इरादतन हत्या (कपेबल होमिसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया है। वहीं, उनकी पत्नी रेणु सिंह समेत तीन अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विशाल गोगने ने शनिवार को अपना फैसला सुनाते हुए राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी माना। अदालत अब 9 जून को सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी।
क्या था मामला?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली के मंडी गांव स्थित रोज फार्म में आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास गुप्ता के अनुसार, वह अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे।
शिकायत में कहा गया कि रात करीब 12 बजे नए साल के स्वागत के दौरान उनकी पत्नी अर्चना गुप्ता डीजे फ्लोर पर डांस करने चली गईं। उसी समय उन्होंने राजू कुमार सिंह और उनके सुरक्षा चालक हरि सिंह को अपने-अपने हथियारों से हवा में फायरिंग करते देखा। कुछ मिनट बाद दोबारा फायरिंग हुई और अचानक अर्चना गुप्ता जमीन पर गिर पड़ीं।
जब विकास गुप्ता उनके पास पहुंचे तो वह बेहोश थीं और उनके चेहरे पर खून था। इसके बाद अन्य मेहमानों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 3 जनवरी 2019 को उनकी मौत हो गई।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से .22 बोर के इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि पार्टी के बाद घटनास्थल पर पड़े खून के निशानों को साफ करने की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने 1 जनवरी 2019 को शुरुआत में हत्या के प्रयास, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में अर्चना गुप्ता की मौत होने पर हत्या की धारा जोड़ी गई। हालांकि ट्रायल के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजू कुमार सिंह को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी माना।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद राजू कुमार सिंह और उनके चालक हरि सिंह मौके से फरार हो गए थे। दोनों को 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिलनगर से गिरफ्तार किया गया था। राजू कुमार सिंह के कब्जे से .22 बोर की पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए थे। चालक हरि सिंह की बाद में मृत्यु हो गई।
अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रमेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इन पर साक्ष्य मिटाने से संबंधित आरोप लगाए गए थे, लेकिन अदालत को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
2023 में तय हुए थे आरोप
राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपमुक्ति याचिका खारिज करने के बाद 30 अक्टूबर 2023 को आरोप तय किए थे। अदालत ने उस समय कहा था कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
राजू कुमार सिंह बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह पहली बार वर्ष 2005 में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और वर्तमान में भाजपा विधायक हैं।
ये भी पढ़ेंः पश्चिम बंगाल: संदेशखाली में TMC नेता के तालाब से भारी मात्रा में हथियार बरामद, STF की बड़ी कार्रवाई

