इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ की घोषणा के बाद से सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि जिस फिल्म का सीक्वल बनने पर आज दर्शक उत्साहित हैं, वही ‘आवारापन’ (2007) अपनी रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई थी। लेकिन करीब दो दशक बाद इसकी पहचान पूरी तरह बदल चुकी है। आज इसे इमरान हाशमी के करियर की सबसे पसंदीदा फिल्मों में गिना जाता है और इसके गाने व किरदार अब भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
वैसे, यह हिंदी सिनेमा में कोई नई कहानी नहीं है। पुराने दौर की ऐसी कई फिल्में रहीं जो बॉक्स ऑफिस पर फेल रहीं लेकिन समय के साथ उनकी चर्चा खूब हुई। इसमें राज कपूर की ‘मेरा नाम जोकर’, ‘अंदाज अपना अपना’, नसीरुद्दीन शाह, ओमपुरी की ‘जाने भी दो यारों’, अमिताभ बच्चन की ‘शान’, शाहरुख की दिल से…तक का नाम ले सकते हैं। हालांकि यहां हम स्वेदश के बाद की फिल्मों का जिक्र करेंगे जिन्हें रिलीज के वक्त उतनी सफलता नहीं मिली। लेकिन समय के साथ टीवी, सैटेलाइट, OTT और सोशल मीडिया के जरिए इन्हें नए दर्शक मिले।
आज इन फिल्मों की चर्चा सिर्फ “फ्लॉप” के रूप में नहीं, बल्कि ऐसी फिल्मों के तौर पर होती है जिनकी लोकप्रियता समय के साथ लगातार बढ़ती गई। यही वजह है कि फिल्म समीक्षक और सिनेमा प्रेमी इनमें से कई फिल्मों को ‘कल्ट क्लासिक’ मानते हैं। इसी सूची में अब ‘आवारापन’ का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है जिसका सीक्वल आवारापन 2 अगस्त में 14 तारीख को रिलीज हो रही है।
2007 में रिलीज हुई ‘आवारापन’ का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था। विशेष फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में इमरान हाशमी, श्रिया सरन, मृणालिनी शर्मा और आशुतोष राणा प्रमुख भूमिकाओं में थे। करीब 18 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और औसत साबित हुई। हालांकि, पाकिस्तान में इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली और वहां इसने लगभग 8 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
समय के साथ फिल्म की किस्मत बदल गई। इसके गाने, इमरान हाशमी का गंभीर किरदार ‘शिवम’, और अपराध, प्रेम व प्रायश्चित की कहानी ने दर्शकों के बीच खास जगह बना ली। आज इसकी IMDb रेटिंग 7.4/10 है और इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है। इमरान हाशमी के करियर की सबसे पसंदीदा फिल्मों में भी इसका नाम लिया जाता है।करीब 19 साल बाद अब ‘आवारापन 2’ आ रही है। इस बार निर्देशन की जिम्मेदारी नितिन कक्कड़ के पास है, जबकि फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पटानी और शबाना आजमी नजर आएंगी।
फिल्म को लेकर उत्साह की सबसे बड़ी वजह इसका टीजर बना। मूल फिल्म के अंत में इमरान हाशमी के किरदार ‘शिवम’ की मौत दिखाई गई थी। ऐसे में दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल था कि सीक्वल कैसे बनेगा। जून 2026 के आखिर में जारी टीज़र ने इसी रहस्य से पर्दा उठाया। इमरान का संवाद, “कुछ लोगों की कहानी उनकी मर्जी से खत्म नहीं होती, कभी-कभी उनकी दास्तान दूसरों के लिए लिखी जाती है…” सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता कई गुना बढ़ा दी।
फिल्म की चर्चा बढ़ाने में इसके संगीत की भी बड़ी भूमिका रही है। ‘आवारापन’ का संगीत इसकी सबसे बड़ी ताकतों में गिना जाता है। मेकर्स ने सीक्वल में दर्शकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ जैसे लोकप्रिय गीतों को नए अंदाज में पेश किया है। टीज़र में सुनाई दी ‘तो फिर आओ’ की धुन ने पुराने प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया। वहीं, 7 जुलाई 2026 को रिलीज हुआ पहला गाना ‘वे जुनून’ को यूट्यूब पर काफी प्यार मिल रहा है। 14 जुलाई तक 29 मिलियन बार इसे सुना जा चुका था।
ये फिल्में भी समय के साथ बनीं दर्शकों की पसंद
तुम्बाड (2018)
राही अनिल बर्वे निर्देशित और सोहम शाह अभिनीत ‘तुम्बाड’ करीब 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी। रिलीज के समय इसका कारोबार सीमित रहा, लेकिन बाद में इसकी सिनेमैटोग्राफी, लोककथाओं पर आधारित कहानी और हॉरर शैली की खूब सराहना हुई। 2024 की री-रिलीज ने भी इसकी लोकप्रियता साबित की। दोबारा रिलीज में फिल्म ने 40 करोड़ तक की कमाई की। फिल्म की IMDb रेटिंग 8.2/10 है और इसे अमेज प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।
स्वदेस (2004)
आशुतोष गोवारीकर निर्देशित ‘स्वदेस’ में शाहरुख खान ने नासा के वैज्ञानिक मोहन भार्गव की भूमिका निभाई थी। करीब 20 करोड़ रुपये के बजट वाली यह फिल्म शुरुआती दौर में बड़ी व्यावसायिक सफलता नहीं बन सकी। हालांकि समय के साथ इसे शाहरुख खान के करियर के सर्वश्रेष्ठ अभिनय और हिंदी सिनेमा की सबसे प्रेरक फिल्मों में गिना जाने लगा। इसकी IMDb रेटिंग 8.2/10 है और यह Netflix पर उपलब्ध है।
लक्ष्य (2004)
फरहान अख्तर निर्देशित ‘लक्ष्य’ में ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिकाओं में थे। करीब 30 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। लेकिन बाद के वर्षों में युवाओं के बीच इसकी कहानी और संदेश ने इसे एक प्रेरणादायक फिल्म का दर्जा दिला दिया। फिल्म की IMDb रेटिंग 7.8/10 है और इसे Netflix पर देखा जा सकता है।
तमाशा (2015)
इम्तियाज अली निर्देशित ‘तमाशा’ में रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिकाओं में थे। पहचान, सपनों और सामाजिक दबाव जैसे विषयों पर बनी यह फिल्म रिलीज के समय अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। लेकिन समय के साथ खासकर युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी। आज सोशल मीडिया पर इस फिल्म के संवाद और दृश्य अक्सर चर्चा में रहते हैं। इसकी IMDb रेटिंग 7.4/10 है और यह अमेज प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।
दिल्ली बेली (2011)
अभिनय देव निर्देशित और आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ‘दिल्ली बेली’ अपनी बोल्ड भाषा और डार्क कॉमेडी की वजह से चर्चा में रही। हालांकि शुरुआती प्रतिक्रिया मिलीजुली थी, लेकिन बाद के वर्षों में इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन ब्लैक कॉमेडी फिल्मों में गिना जाने लगा। इसकी IMDb रेटिंग 7.6/10 है और इसे अमेज प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।

