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वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II ट्रेनों के रिफंड नियम हुए सख्त, जानें नए बदलाव

नए नियमों के तहत अगर कोई यात्री इन ट्रेनों में अपनी कन्फर्म टिकट तय प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द करता है, तो उसे एक रुपये का भी रिफंड नहीं मिलेगा।

भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेनों- वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II (जनवरी 2026 के बाद लॉन्च हुई ट्रेनें) के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बड़े और सख्त बदलाव किए हैं। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी नई अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों में अब यात्रियों को टिकट रद्द कराने पर पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नए नियमों के तहत अगर कोई यात्री इन ट्रेनों में अपनी कन्फर्म टिकट तय प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द करता है, तो उसे एक रुपये का भी रिफंड नहीं मिलेगा। जारी अधिसूचना में रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है।

क्या है टिकट रिफंड के नए नियम?

इसके मुताबिक, अगर कन्फर्म टिकट 72 घंटे से अधिक पहले रद्द की जाती है तो 25 प्रतिशत किराया काटा जाएगा। वहीं 72 घंटे से आठ घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत किराया जब्त होगा। लेकिन आठ घंटे से कम समय बचने पर पूरा किराया कट जाएगा। यानी आठ घंटे में एक मिनट भी कम हुआ तो भी हाथ कुछ नहीं आएगा।

मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था सामान्य ट्रेनों से अलग है। आम ट्रेनों में कन्फर्म टिकट चार घंटे पहले तक रद्द करने पर कुछ रिफंड का प्रावधान होता है, जबकि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II में यह सीमा बढ़ाकर आठ घंटे कर दी गई है।

टिकट रद्द करने का समयरिफंड / कटौती का नियम
8 घंटे से कम समय पहलेकोई रिफंड नहीं मिलेगा। (सामान्य ट्रेनों में यह सीमा 4 घंटे है)
72 घंटे से 8 घंटे के बीचकिराए का 50 प्रतिशत काटा जाएगा
72 घंटे से अधिक पहलेकिराए का 25 प्रतिशत काटा जाएगा

स्लीपर में आरएसी भी खत्म

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन दोनों ट्रेनों में 100 प्रतिशत कन्फर्म बर्थ की नीति लागू है। यानी यात्री को या तो पूरी तरह कन्फर्म बर्थ मिलती है या टिकट मिलती ही नहीं। अन्य ट्रेनों में अक्सर ऐसा होता है कि एक ही परिवार के कुछ सदस्यों को कन्फर्म और कुछ को आरएसी या वेटिंग में यात्रा करनी पड़ती है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II में यह व्यवस्था नहीं है, जिससे आखिरी समय की रद्दीकरण से खाली बर्थ रहने और राजस्व नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।

रेलवे का कहना है कि इस फैसले का मकसद आखिरी समय की रद्दीकरण पर लगाम लगाना, बर्थ का बेहतर उपयोग करना और प्रीमियम ट्रेनों में राजस्व की सुरक्षा करना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टिकट बुक करते समय यात्रा योजना को लेकर पूरी तरह सुनिश्चित रहें, क्योंकि कन्फर्म टिकट मिलने के बाद न्यूनतम 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक किराया कट सकता है।

रेलवे ने यह भी साफ किया है कि जनवरी 2026 से शुरू होने वाली सभी अमृत भारत ट्रेनों को अब अमृत भारत-II के नाम से जाना जाएगा और उन पर भी यही नियम लागू होंगे। इस संबंध में 15 जनवरी 2025 को सर्कुलर जारी किया जा चुका है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 और 18 जनवरी 2026 को वंदे भारत स्लीपर की एक जोड़ी और अमृत भारत-II की नौ जोड़ियों को हरी झंडी दिखाई थी। इन सभी ट्रेनों पर नए कैंसिलेशन नियम तुरंत प्रभाव से लागू हैं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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