Homeविश्वHantavirus outbreak: क्या है हैंटावायरस जिसके प्रकोप के बाद समुद्र में जहाज...

Hantavirus outbreak: क्या है हैंटावायरस जिसके प्रकोप के बाद समुद्र में जहाज में फंसे 150 लोग, तीन की मौत

सामने आई जानकारी के अनुसार मृतकों में डच दंपति और एक जर्मन यात्री शामिल हैं। जहाज पर फिलहाल कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य दल भी लोगों की मदद में जुट गया है।

नई दिल्ली: अटलांटिक महासागर में केप वर्डे स्थित एक लग्जरी क्रूज जहाज पर कम से कम तीन लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। कई अन्य बीमार भी हैं। मौत की वजह को हैंटावायरस के प्रकोप (Hantavirus outbreak) से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद और स्वास्थ्य चिंताए बढ़ गई हैं। इस मामले में वायरस के मानव-से-मानव में संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।

समुद्र में जिस जहाज में ये मामले सामने आए हैं, उसका नाम एमवी होंडियस है। यह अर्जेंटीना से केप वर्डे की यात्रा पर था। इसी दौरान यात्रियों में गंभीर सांस संबंधी बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे। जहाज पर 20 से अधिक देशों के लगभग 150 लोग सवार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लेबोरेट्री टेस्ट में कम से कम एक हैंटावायरस संक्रमण के मामले की पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्ध मामले हैं।

जहाज में वायरस के संक्रमण के बाद हड़कंप

सामने आई जानकारी के अनुसार मृतकों में डच दंपति और एक जर्मन यात्री शामिल हैं। जहाज पर सवार कुछ लोग शारीरिक रूप से भी प्रभावित हुए हैं। इन्हें निकाला जा रहा है। एक ब्रिटिश व्यक्ति को दक्षिण अफ्रीका ले जाया गया है और आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

साथ ही जहाज में अब भी मौजूद लोगों को चिकित्सा दल के आने तक अपने-अपने केबिन में ही रहने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सा दल पूरी तरह से खुद को ढक कर जहाज पर पहुंचे हैं, संक्रमण की जांच कर रहे हैं। केप वर्डे के स्थानीय अधिकारियों ने घोषणा की है कि ऐसी आपातकालीन स्थिति को फैलने से रोकने के लिए क्वारंटाइन लागू किया गया है और सभी को अलग-अलग रखा गया है।

जहाज पर फिलहाल कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नियंत्रित वातावरण में इसे बंदरगाह पर लगाने और महामारी संबंधी मौजूद जानकारियों के आधार पर इसे खाली कराने के बारे में चर्चा चल रही है।

क्या है हैंटावायरस और ये संक्रमण क्यों असमान्य है?

Hantavirus Pulmonary Syndrome (HPS/हैंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल बीमारी है। यह मुख्य रूप से चूहों और दूसरे कृंतक जानवरों (rodents) से इंसानों में फैलती है। यह वायरस ‘हैंटावायरस’ नाम के वायरस समूह से होता है।

आम तौर पर हैंटावायरस का संक्रमण तभी होता है जब मनुष्य किसी रोडेंट के यूरिन (Rodent’s Urine/चूहा, गिलहरी,
हैम्स्टर, मूस जैसे जानवर), मल या लार के संपर्क में आता है। हालांकि, मौजूदा केस में जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि यह वायरस का एंडीज वेरिएंट हो सकता है। यह एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार है और इसमें सीमित मामलों में वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक जहाज पर कोई रोडेंड (चूहा आदि) नहीं देखा गया है। इसलिए ये आशंका बढ़ गई है कि वायरस इतने बंद या सीमित वातावरण में एक यात्री से दूसरे यात्री में फैला होगा। हैंटावायरस संक्रमण से श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी हो सकती है, जिससे गंभीर रूप से प्रभावित लगभग 40% रोगियों की मृत्यु हो सकती है।

इससे संक्रमण के प्रारंभिक लक्षण हैं-

बुखार
शरीर में दर्द
थकान

इसके अलावा, यदि संक्रमण जारी रहता है, तो रोगी के कुछ अन्य अंग भी काम करना बंद कर सकते हैं। इससे सांस लेने में तकलीफ और बढ़ती जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह प्रकोप अभी भी बहुत दुर्लभ है और वायरस को अभी भी काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। इसलिए, आम जनता के लिए जोखिम कम माना जाता है। दूसरी ओर, संक्रमण के इस असामान्य पैटर्न और इसमें उच्च मृत्यु दर के कारण स्थिति पर गहन निगरानी रखी जा रही है।

देश भर के स्वास्थ्य अधिकारी संपर्क में आए लोगों की पहचान करने, रोगियों का उपचार करने और यह पता लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं कि क्या वायरस दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में जहाज पर चढ़ने से पहले आया था या यात्रा के दौरान फैला।

यह भी पढ़ें- ‘एक जिला-एक व्यंजन’ में चुनी गई यूपी की 208 डिशेज, एक भी नॉन वेज नहीं

author avatar
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular