कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के एक दिन बाद मंगलवार को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके इस्तीफे का सवाल ही नही उठता है। ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं, हम चुनाव नहीं हारे हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नहीं है बल्कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर उन्हें हराया गया है। ममता ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया।
ममता बनर्जी से यह पूछे जाने पर कि क्या वे राजभवन जाएंगी? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। पार्टी सदस्यों के साथ आगे की रणनीति पर चर्ता की जाएगी। मैं सड़क पर लौटूंगी। बीजेपी के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी।’ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता के साथ डेरेक ओब्रायन और अभिषेक बनर्जी जैसे तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे।
बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल चुनावों में ‘प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप’ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगे के कदमों के लिए चर्चा की आवश्यकता है और पार्टी एक फैक्ट फाइंडिंग मिशन गठित करेगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में 15 वर्षों तक शासन कर चुकी बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले तृणमूल कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ‘विलेन’ हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दुख की बात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस चुनाव में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के लिए विलेन बन गए। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि मतदान के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज होता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी।’
ममता बनर्जी ने और क्या कहा?
चुनावी धांधली के कई आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘…मेरे आधिकारिक एजेंटों को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुझे भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। मैं कुछ मिनटों के लिए अंदर गई थी। उन्होंने मेरे पेट में लात मारी, मेरी पीठ पर लात मारी और गाली-गलौज की, मारपीट की और आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि क्या हुआ क्योंकि उस समय सीसीटीवी बंद था। जहाँ तक मुझे पता है, मैंने कमरे के अंदर का सीसीटीवी फुटेज देखा है…।’
ममता ने कहा, ‘केंद्रीय बल इस तरह का व्यवहार कर सकते हैं। मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। मैंने राजीव गांधी की सरकार देखी है। मैंने डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार देखी है। मैंने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार देखी है… मैंने अन्य सरकारों को भी देखा है। लेकिन मैंने इस तरह के अत्याचार कभी नहीं देखे। यह घिनौना, भयानक है। अत्याचारों की कोई सीमा नहीं है। अगर यह जारी रहा, तो मुझे लगता है कि उनकी छवि धूमिल हो जाएगी। यह पहले से ही हो रही है। वे अपना चेहरा नहीं दिखा सकते। यह लोकतंत्र का सही तरीका नहीं है। लोकतंत्र में शिष्टाचार होता है… जनता को प्रताड़ित करना। और आप क्या चाहते हैं? कि केवल एक पार्टी शासन करे? देश पर कौन शासन करे? कोई विपक्ष नहीं। कुछ नहीं। कोई नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘इसलिए मैं यह बात आप सभी से रिकॉर्ड पर कहना चाहती हूं। और पार्टियां, हम पहले से ही मजबूती से एकजुट हैं। सभी पार्टी नेता एक साथ काम कर रहे हैं। हालांकि उन्हें प्रताड़ित किया गया है, उन पर हमले हुए हैं। उनके घर पर हमला हुआ है…’
ममता ने कहा कि ‘मैं अब आजाद पंछी की तरह है। कहीं भी जा सकती हूं। कहीं भी लड़ सकती हूं।’ ममता ने दावा कि इंडिया ब्लॉक उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने उन्हें फोन किया। राहुल, अरविंद केजरीवाल, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन, उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन किया और कहा कि इंडिया ब्लॉक साथ है।

