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होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला लेकिन ईरान पर जारी रहेगी अमेरिकी नाकाबंदी

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए धन्यवाद कहा है।

नई दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान में जारी सीजफायर के संदर्भ में एक अहम घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सीजफायर की अवधि के दौरान होर्मुज स्‍ट्रेट सभी कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है जिससे क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही को राहत मिलेगी। इस बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर लक्षित नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा जिससे इस राहत के सीमित और सशर्त होने का संकेत मिलता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला है, क्योंकि लेबनान में 10 दिन का युद्धविराम कायम रहने की संभावना है।

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की दी जानकारी

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि “लेबनान में सीजफायर के हिसाब से ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने पहले ही जो कोऑर्डिनेटेड रूट अनाउंस किया है। उसी हिसाब से सीजफायर के बाकी समय के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह से खोल दिया गया है।”

ईरान के इस फैसले की अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी सराहना की। ट्रंप ने होर्मुज स्‍ट्रेट को पूरी तरह खोलने के ल‍िए ईरान को धन्‍यवाद क‍िया।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – धन्यवाद

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान का स्ट्रेट पूरी तरह से खुल गया है और पूरी तरह से आने-जाने के लिए तैयार है। धन्यवाद।”

https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/posts/116420484827577347

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाए जाने का संकेत द‍िया था।

ट्रंप ने आगे कहा क‍ि अमेरिका और ईरान अब समझौता होने के काफी करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परमाणु समझौते पर प्रगति जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया जा सकता है।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है और हम उनसे बहुत अच्छे तरीके से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अब वे कदम उठाने को तैयार है, जिनके लिए वह दो महीने पहले तैयार नहीं था।

यह भी पढ़ें – ‘ईरान ने यूरेनियम सौंपने पर सहमति जता दी है’, ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- दोनों देश समझौते के करीब

उन्होंने हालांकि साफ किया कि मुख्य उद्देश्य वही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुआ तो दुनिया के लिए बड़ा खतरा होगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

अमेरिकी नाकेबंदी रहेगी जारी

इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के खुलने के बाद वैश्विक बाजारों में तुरंत असर देखने को मिला। तेल की कीमतों में गिरावट आई और शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि अधिक सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, लेकिन ईरान से जुड़े मामलों में हमारी नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक हमारे सभी समझौते पूरी तरह पूरे नहीं हो जाते।”

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, इस नाकेबंदी अभियान में 10,000 से अधिक सैनिक, एक दर्जन से ज्यादा जहाज और कई विमान शामिल हैं जो इसकी व्यापकता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलडमरूमध्य का खुलना सीमित दायरे में हो सकता है क्योंकि जहाजों की आवाजाही “समन्वित मार्गों” के जरिए और ईरान के तट के करीब रखी जा रही है, जिससे नियंत्रण बना रहता है।

इजराइल-लेबनान युद्धविराम के बीच हुआ यह फैसला

शुक्रवार का यह पूरा घटनाक्रम इजराइल और लेबनान युद्धविराम बीच सामने आया है जो गुरुवार (16 अप्रैल) से लागू है। लेकिन इसकी स्थिरता को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं। इस बीच कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ जल्द बातचीत हो सकती है और अंतिम समझौते की स्थिति में वह पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं।

ज्ञात हो कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर डालता है।

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वर्तमान संकट ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़े व्यापक तनाव के कारण शुरू हुआ था। इससे जहाजों पर हमले और तेल परिवहन में कमी देखी गई। फिलहाल युद्धविराम और आंशिक खुलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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