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Budget 2026: कैंसर की 17 दवाएं होंगी सस्ती, बजट भाषण में कस्टम डयूटी हटाने की घोषणा

बजट-2026 में सरकार ने कैंसर की 17 दवाइयों से बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने की घोषणा की है। इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी दवाओं और खाद्य पदार्थों के आयात शुल्क में भी रियायत देने का ऐलान किया गया है।

नई दिल्ली: कैंसर के मरीजों और उनके परिजनों के लिए बजट-2026 में अहम ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट भाषण में 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क (बेसिक कस्टम ड्यूटी) हटाने की घोषणा की। इससे कैंसर रोगियों के उपचार के खर्च में कमी आने की संभावना है। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सात अतिरिक्त दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए आयातित दवाओं, औषधियों और विशेष चिकित्सा खाद्य पदार्थों पर आयात शुल्क में छूट दी जाएगी।

सरकार के अनुसार कर राहत उपायों का उद्देश्य रोगियों, विशेष रूप से कैंसर का इलाज करा रहे रोगियों पर वित्तीय बोझ को कम करना है। साथ ही कुछ दुर्लभ बीमारियों के उपचार में उपयोग होने वाली विशेष दवाओं और खाद्य पदार्थों को ड्यूटी-फ्री व्यक्तिगत आयात के दायरे में लाने की घोषणा की गई है।

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, ‘मरीजों विशेषकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए, मैं 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं 7 और दुर्लभ बीमारियों को भी शामिल करने का प्रस्ताव करती हूं ताकि उनके उपचार में उपयोग होने वाली विशेष चिकित्सा उद्देश्यों के लिए दवाओं, औषधियों और खाद्य पदार्थों के व्यक्तिगत आयात पर आयात शुल्क से छूट दी जा सके।’

वित्त मंत्री ने आगे कहा, ‘भारत में बीमारियों का बोझ गैर-संक्रामक रोगों जैसे मधुमेह, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों की ओर बढ़ता दिख रहा है। किफायती लागत पर दीर्घायु और जीवन की गुणवत्ता के लिए बॉयोलॉजिकल मेडिसिन महत्वपूर्ण हैं।’

बजट 2026: हेल्थ सेक्टर में ये अहम ऐलान भी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, कुशल मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत करने और जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को और विकसित करने की योजनाओं की भी घोषणा की।

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि देश के युवाओं के लिए कुशल करियर के नए रास्ते बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर फोकस किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए एएचपी संस्थान खोले जाएंगे।

यह योजना 10 चयनित विषयों को कवर करेगी, जिनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में इस पहल के तहत एक लाख नए एएचपी तैयार किए जाएंगे।

बजट भाषण के बाद पीआईबी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया कि जनजीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से 2026-27 के लिए अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों के तहत, सरकार ने व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।

गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किया गया यग लगातार नौवां बजट है। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच गई हैं। देसाई ने 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमश: और आठ बजट पेश किए हैं।

(समाचार एजेंसी IANS इनपुट के साथ)

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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