Thailand-Combodia Dispute: एशियाई देशों कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर जारी विवाद के बीच तत्काल युद्धविराम पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच बीते कई हफ्तों से तनाव जारी था।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद बना हुआ है। इसी महीने एक बार फिर से सीमा विवाद भड़क गया जिससे युद्धविराम टूट गया और युद्ध की स्थिति बनी। इस दौरान कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लगभग 10 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा।
थाईलैंड-कंबोडिया युद्धविराम पर हुए सहमत
थाईलैंड-कंबोडिया के बीच युद्धविराम की सहमति को लेकर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में लिखा है कि “दोनों पक्ष इस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने के बाद 27 दिसंबर 2025 को दोपहर 12:00 बजे (स्थानीय समय) से तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हैं जिसमें सभी प्रकार के हथियारों का उपयोग शामिल है, जिसमें नागरिकों, नागरिक वस्तुओं और बुनियादी ढांचे पर हमले और दोनों पक्षों के सैन्य उद्देश्यों पर हमले, सभी मामलों और सभी क्षेत्रों में शामिल हैं।”
इस बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को जल्द से जल्द घर लौटने की अनुमति देने पर सहमत हुए हैं।
दोनों देश बारूदी सुरंगों को हटाने और साइबर अपराध से निपटने के प्रयासों में सहयोग करने पर भी सहमत हुए हैं। इस समझौते के तहत दोनों देशों की साझा सीमा से लगे विवादित क्षेत्रों में स्थित कुछ प्राचीन मंदिरों को लेकर चल रही लड़ाई को समाप्त करने के लिए यह युद्धविराम दोपहर 12:00 बजे (0500 जीएमटी) से लागू होगा।
विवाद में गिरा दी गई थी भगवान विष्णु की प्रतिमा
थाईलैंड-कंबोडिया के बीच जारी विवाद के बीच बीते दिनों भगवान विष्णु की प्रतिमा कथित तौर थाईलैंड की सेना द्वारा गिरा दी गई थी जिसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर चिंता व्यक्त की थी। भारत ने ऐसे कृत्यों को ‘अपमानजनक’ करार दिया था। भारत ने कहा था कि इससे दुनियाभर में अनुयायियों की भावना आहत हुई है। वहीं कंबोडिया के अधिकारियों ने भी इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया था।
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दोनों देशों के बीच यह युद्धविराम दक्षिण एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के विदेश मंत्रियों की संकटकालीन बैठक के बाद घोषित तीन दिनों की सीमा वार्ता के बाद हुआ है जिसमें कंबोडिया और थाईलैंड दोनों देश शामिल हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और मलेशिया ने भी देशों से युद्धविराम का आग्रह किया था। तीनों देशों ने जुलाई में पांच दिनों तक चले घातक संघर्षों को समाप्त करने के लिए एक समझौता कराया था लेकिन यह युद्धविराम अल्पकालिक रहा।

