Homeविश्वथाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़े जाने का मामला क्या...

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़े जाने का मामला क्या है, भारत ने क्या कहा?

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़े जाने पर भारत और कंबोडिया ने निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे अपमानजनक बताया है।

Thailand-Combodia Dispute: थाईलैंड-कंबोडिया बॉर्डर पर कथित तौर पर भगवान विष्णु की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर आक्रोश फैल गया है। भारत ने बीते बुधवार, 24 दिसंबर को इस घटना को लेकर आपत्ति जताई थी। वहीं, कंबोडिया के अधिकारियों ने भी इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया।

भगवान विष्णु की प्रतिमा को ध्वस्त करने का आरोप थाई सेना पर है। समाचार एजेंसी एएफपी ने सीमावर्ती प्रांत प्रेह विहार के कंबोडियाई सरकारी प्रवक्ता किम चानपन्हा के हवाले से बताया कि 2014 में निर्मित यह प्रतिमा “हमारे क्षेत्र में, आन सेस इलाके में स्थित थी”। उन्होंने कहा कि इसे सोमवार को थाईलैंड की सीमा से लगभग 100 मीटर (328 फीट) की दूरी पर ध्वस्त किया गया।

भारत और कंबोडिया ने आक्रोश जताया

एएफपी के मुताबिक, थाईलैंड-कंबोडिया सीमा रेखा से प्रतिमा की दूरी 400 मीटर दूर है। चानपन्हा ने कहा “हम प्राचीन मंदिरों और प्रतिमाओं को ध्वस्त करने की निंदा करते हैं जो कि बौद्ध और हिंदू अनुयायियों द्वारा पूजे जाते हैं।”

इससे पहले भारत ने बुधवार को ऐसे कृत्यों को “अपमानजनक” बताते हुए कहा था कि इससे दुनियाभर में अनुयायियों की भावना आहत हुई है। इसके साथ ही भारत ने थाईलैंड और कंबोडिया से सीमा विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल करने का आग्रह किया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमें हाल ही में निर्मित एक हिंदू धार्मिक देवता की मूर्ति को ध्वस्त किए जाने की खबरें मिली हैं, जो थाई-कंबोडिया सीमा विवाद से प्रभावित क्षेत्र में स्थित थी।”

जायसवाल ने इस मामले में मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर कहा “इस क्षेत्र में हिंदू और बौद्ध देवी-देवताओं को हमारी साझा सभ्यतागत विरासत के हिस्से के रूप में लोगों द्वारा गहराई से सम्मान और पूजा जाता है।”

काफी पुराना है थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद इस महीने फिर से भड़क उठा, जिसमें 40 से अधिक लोगों की जान चली गई और लगभग दस लाख लोग विस्थापित हो गए।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्ष को भड़काने का आरोप लगाया है, साथ ही नागरिकों पर हमले के आरोप भी लगाए हैं। कंबोडिया ने बार-बार दावा किया है कि झड़पों के दौरान थाईलैंड ने सीमा पर स्थित मंदिरों को नुकसान पहुंचाया है। थाईलैंड का दावा है कि कंबोडिया ने सदियों पुरानी पत्थर की संरचनाओं पर सैनिकों की तैनाती की थी।

यह भी पढ़ें – बांग्लादेश: खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की 17 साल बाद वापसी, क्या हैं इसके मायने और भारत इसे कैसे देखेगा?

थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही दक्षिण-पूर्वी एशिया के देश हैं। भारत और कंबोडिया के बीच महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संबंध हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक, व्यापारिक संबंध भी हैं।

वहीं, थाईलैंड के साथ भी भारत के रिश्ते काफी पुराने हैं। यहां पर हर साल हजारों की संख्या में भारतीय पर्यटक जाते हैं। थाईलैंड और कंबोडिया दोनों देशों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत रहे हैं और इनका ऐतिहासिक जुड़ाव भी रहा है जो कि बौद्ध और हिंदू संस्कृति के साझा आधार पर बने हैं।

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
amrendra
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular