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कुरनूल हादसा: बस से टकराने वाली बाइक पर दो लोग सवार थे, एक की एक्सीडेंट से पहले ही हो गई थी मौत

यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे कुरनूल के बाहरी इलाके कल्लूर मंडल के चिन्नाटेकुरु गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हुआ। कुरनूल जिला कलेक्टर ए. सिरी ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में कुल 46 यात्री सवार थे। हादसे के बाद बस में आग लग गई, लेकिन कई यात्रियों ने शीशे तोड़कर या कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में शुक्रवार को हुए भीषण बस हादसे में एक मोटरसाइकिल चालक समेत 20 लोगों की मौत हो गई है। अब जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिस मोटरसाइकिल से बस में आग लगी थी, वह पहले से ही सड़क पर गिरी हुई थी क्योंकि बाइक सवार और उसका साथी उससे कुछ मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो चुके थे। हादसे में बाइक चला रहे शिवशंकर की मौके पर मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा एरिस्वामी उर्फ नानी को सिर्फ मामूली चोटें आई थी।

यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे कुरनूल के बाहरी इलाके कल्लूर मंडल के चिन्नाटेकुरु गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हुआ। कुरनूल जिला कलेक्टर ए. सिरी ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में कुल 46 यात्री सवार थे। हादसे के बाद बस में आग लग गई, लेकिन कई यात्रियों ने शीशे तोड़कर या कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी।

हादसे से पहले हुई थी बाइक दुर्घटना

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, कुरनूल के एसपी विक्रांत पाटिल ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि शिवशंकर और एर्रिस्वामी रात करीब 2 बजे लक्ष्मीपुरम गांव से नंद्याल जिले के धोने कस्बे के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में उन्होंने 2:24 बजे एक पेट्रोल पंप पर बाइक में ईंधन भरा। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि शिवशंकर नशे में था और बाइक ठीक से चला नहीं पा रहा था।

चिन्नाटेकुर गांव के पास बाइक फिसलकर डिवाइडर से टकराई। इस हादसे में शिवशंकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एरिस्वामी कैसे भी करके सड़क किनारे चला गया। वह सड़क के बीच में पड़ी बाइक को हटाने ही वाला था कि तभी हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही निजी स्लीपर बस वहां पहुंच गई और बाइक को घसीटते हुए आगे बढ़ गई।

किसकी थी गलती?

बस में कुल 44 यात्री सवार थे। हादसा तड़के 3 से 3:15 बजे के बीच हुआ। बाइक बस के नीचे फंस गई और रगड़ खाने के कारण ईंधन रिसने लगा, जिससे आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस जलकर खाक हो गई। इस हादसे में 19 यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।

कुरनूल की ज़िला कलेक्टर डॉ. ए. सिरी ने बताया कि जांच के दौरान एरिस्वामी ने पुलिस को बताया कि जब बस गुज़री, तो अचानक उसके इंजन के नीचे से आग की लपटें उठने लगीं। यह देखकर वह घबरा गए और वहां से भागकर अपने गांव टुग्गली लौट गए।

डॉ. सिरी के मुताबिक़, शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई थी कि आग बस के फ्यूल टैंक या इंजन के हिस्से से भड़की होगी। हालांकि, आगे की जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि दुर्घटना का सिलसिला मोटरसाइकिल हादसे से शुरू हुआ था।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के चश्मदीद एरिस्वामी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बस में आग लगते और यात्रियों को चीखते-चिल्लाते देखा था। उन्होंने दावा किया कि वे कुछ देर तक घटनास्थल पर मौजूद रहे और बाद में एक ट्रैक्टर से टुग्गली गांव लौट गए।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जब पुलिस को पता चला कि एरिस्वामी गुरुवार शाम शिवशंकर के घर आए थे, तो उन पर शक गहराया। बाद में पुलिस ने उन्हें टुग्गली गांव से हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ में हादसे की पूरी कड़ी सामने आई।

बस में मोबाइल फोन की खेप ने बढ़ाई आग

फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया कि बस में एक व्यापारी के माध्यम से लगभग 234 स्मार्टफोन (करीब 46 लाख रुपये मूल्य) ले जाए जा रहे थे। इन फोनों की लिथियम-आयन बैटरियां आग लगने के बाद फट गईं, जिससे आग तेजी से फैली।
फायर सर्विस अधिकारियों ने बताया कि बस की एल्युमिनियम फ्लोरिंग भी पिघल गई थी, जिससे लपटें और भयानक हो गईं।

पुलिस ने बस चालक लक्ष्मैया और सह-चालक शिवा नारायण को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 125(ए) (मानव जीवन को खतरे में डालना) और 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या बस तेज रफ्तार में थी और चालक ने अंधेरे में सड़क पर गिरी बाइक को देख नहीं पाया।

अधिकारियों का कहना है कि इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ने का एक कारण बस के दरवाजे का न खुलना है। जिला कलेक्टर सिरी ने बीबीसी न्यूज तेलुगु से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि बस में आग लगने और तारों के जलने के कारण दरवाजों की हाइड्रोलिक सिस्टम काम करना बंद कर दिया था। इस कारण दरवाजे नहीं खुल पाए जिससे कई यात्री बाहर नहीं निकल पाए।

‘ड्रंक ड्राइवर्स टेररिस्ट हैं’

हादसे के दो दिन बाद हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीएस सज्जनार ने नशे में ड्राइविंग करने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ड्रंक ड्राइवर्स आतंकवादी हैं। यह सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि रोके जा सकने वाला नरसंहार था।”

सज्जनार ने एक्स पर लिखा, “शिवशंकर ने नशे की हालत में गाड़ी चलाने का अपराध किया, जिसने 20 निर्दोष लोगों की जान ले ली। यह एक आपराधिक लापरवाही थी, न कि ‘एक गलती’। समाज को अब यह मानना होगा कि नशे में गाड़ी चलाना अपराध है, गलती नहीं।”

उन्होंने कहा कि हैदराबाद पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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