कोलकाता: बंगाल भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर जुड़ी 43 संपत्तियों की सूची जारी की है। इनमें से कई उनके सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ संयुक्त स्वामित्व में बताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार अब इनकी विस्तृत जांच करेगी। यह घटनाक्रम तृणमूल नियंत्रित कोलकाता नगर निगम (केएमसी) द्वारा ममता बनर्जी के भतीजे से जुड़ी 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी करने के एक दिन बाद सामने आया है।
तृणमूल कांग्रेस ने हालांकि इस लिस्ट को झूठा बताकर खारिज किया है। इनमें से सबसे ज्यादा चर्चा में है एक संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति है, जिसका संबंध जाधवपुर से सांसद सयानी घोष से भी बताया जा रहा है। दस्तावेज में संपत्ति का पता 19D, सेवन टैंक्स लेन बताया गया है।
हालांकि, लोकसभा सांसद ने इस विवाद को सिरे से खारिज करते हुए इससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। घोष ने ट्वीट किया, ‘मैं यह नहीं कह सकती कि यह कौन है, लेकिन यह निश्चित रूप से वह सायनी घोष नहीं हैं, जिन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से शुरुआत की और राजनीति से आज तक कोई बड़ा मुनाफा नहीं कमाया। जो लोग बिना किसी सबूत के मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, वे रुक जाएं!’
उन्होंने आगे लिखा, ‘कृपया जान लीजिए, मैं टस से मस नहीं होऊंगी, मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगी। फर्जी खबर फैलाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ‘घोष’ दबने वाली नहीं है।’
अभिषेक बनर्जी की संपत्तियां जांच के घेरे में!
लिस्ट के अनुसार कोलकाता के पॉश इलाकों में स्थित 43 संपत्तियां या तो संयुक्त स्वामित्व में हैं या अभिषेक बनर्जी के नाम पर हैं। हालांकि, यह भी गौर करने वाली बात है कि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या यह डायमंड हार्बर के सांसद हैं या कोई और अभिषेक बनर्जी भी है। मालिकों के मोबाइल नंबर भी सूचीबद्ध हैं।
यह सूची कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के डेटाबेस से ली गई है। दिलचस्प बात यह है कि केएमसी में अभी भी तृणमूल का शासन है और पार्टी के विधायक फिरहाद हकीम अभी कोलकाता के मेयर हैं।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा सरकार इन संपत्तियों के वास्तविक मालिकों, खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत और किसी भी अनियमितता की जांच करेगी।
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले अभिषेक ने चुनाव आयोग (ईसीआई) को सौंपे गए अपने हलफनामे में 2.3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति, 36 लाख रुपये की देनदारियां और 1.4 करोड़ रुपये की वार्षिक आय घोषित की थी।
अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों की लिस्ट फर्जी: तृणमूल कांग्रेस
बंगाल में ऐतिहासिक चुनावी जीत के बाद भाजपा के तेवर सख्त हैं। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि फैलाया जा रहा दस्तावेज दरअसल राजनीतिक कैंपेन का हिस्सा है। पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘नैतिकता और समझ रखने वाला कोई भी पत्रकार भाजपा द्वारा फैलाई जा रही बातों को दोहराने के बजाय, उक्त नोटिस में दिए गए पतों पर जाकर या दिए गए नंबरों पर कॉल करके तथ्यों की पुष्टि कर सकता है।’
तृणमूल ने भ्रामक रिपोर्टिंग और ‘मनगढ़ंत पोस्ट’ पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। तृणमूल के पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने दावा किया कि यह दस्तावेज ‘पूरी तरह से फर्जी’ और ‘गलत’ है। गोखले ने ट्वीट किया, ‘यह महज वेबसाइट पर नाम के आधार पर की गई खोज का नतीजा है। क्या पूरे कोलकाता में अभिषेक बनर्जी नाम का सिर्फ एक ही व्यक्ति है?’
कोलकाता नगर निगम ने भी भेजा है नोटिस
ताजा विवाद केएमसी द्वारा अभिषेक से जुड़े 17 ठिकानों पर कथित अवैध निर्माण के आरोप में नोटिस भेजे जाने के एक दिन बाद सामने आया है। इनमें से एक पता हरीश मुखर्जी रोड स्थित लोकसभा सांसद का आवास ‘शांति निकेतन’ भी था।
अपने नोटिस में कोलकाता नगर निगम ने भवन निर्माण योजना की मंजूरी से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का विवरण भी मांगा है। केएमसी ने निर्देश दिया है कि अवैध निर्माण को सात दिनों के भीतर ध्वस्त किया जाए।
वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री अधिकारी ने अभिषेक पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ‘सभी भ्रष्ट व्यक्तियों’ को जेल भेजेगी। अधिकारी ने दावा किया कि अभिषेक की 14 संपत्तियां उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर पंजीकृत हैं।
अधिकारी ने दावा किया, ‘अभिषेक बनर्जी के नाम पर 14 संपत्तियां हैं, चार उनके नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर हैं।’
इसके कुछ घंटों बाद, अभिषेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दावा किया कि अगर सरकार उनका घर भी गिरा दे तो भी वह नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा, ‘वे जो चाहें करें… मेरा घर गिरा दें, नोटिस भेजें। मैं इन बातों के आगे नहीं झुकूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए, भाजपा के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी।’
अभिषेक की कथित संपत्तियों को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा ममता बनर्जी के पूर्व शासनकाल में बड़े पैमाने पर हुई कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर अपना शिकंजा कस रही है।
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