वाशिंगटनः अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने 30 भारतीय ट्रक चालकों को गिरफ्तार किया है। यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के अनुसार, ये गिरफ्तारियां 11 से...
हिंदी फिल्म-संगीत के स्वर्णयुग की चर्चा जब भी होती है, कुछ बड़े नाम लगभग पूरी स्मृति पर छा जाते हैं। लेकिन उसी दौर में एक ऐसी आवाज़ भी थी, जो शोर से नहीं, संवेदना से पहचानी जाती थी। पद्ममविभूषण से सम्मानित सुमन कल्याणपुर की गायकी में एक दुर्लभ विनम्रता, संयम और आत्मीयता है। उनकी आवाज़ ने प्रेम, प्रतीक्षा, विरह और स्त्री-अनुभव को बिना किसी नाटकीयता के एक विशिष्ट गरिमा प्रदान की। उनपर श्रद्धांजलि-स्वरूप लिखा गया यह आलेख उस गायिका की संगीत-यात्रा, संघर्ष, उपेक्षा, उपलब्धियों और उन गीतों को याद करने का प्रयास है, जिन्होंने उन्हें हिंदी फिल्म-संगीत की सबसे विशिष्ट आवाज़ों में शामिल किया।