लखनऊ: फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर विवाद शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के संभल में यादव समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि इस आने वाली फिल्म से सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है और सामुदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचा है। यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के खिलाफ पुलिस में FIR भी दर्ज कराई है। इस कार्रवाई के बाद विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया है। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एफआईआर बुधवार को संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी में दर्ज की गई। शिकायत गांव भकरौली निवासी अरविंद कुमार ने दर्ज कराई, जो दो दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ थाने पहुंचे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म का नाम और उसकी कहानी यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
उनका कहना है कि फिल्म में समाज को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे पूरे समुदाय की छवि खराब हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
FIR में किसके नाम?
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है। इनमें फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन शामिल हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर बीते कुछ दिनों से संभल और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। यादव समुदाय के लोगों का कहना है कि फिल्म का शीर्षक ही आपत्तिजनक है और जानबूझकर एक खास समाज को निशाना बनाया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर फिल्म के पोस्टर जलाए, उन्हें पैरों से रौंदा और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। कई जगहों पर सिनेमा हॉल संचालकों को भी चेतावनी दी गई थी कि अगर फिल्म रिलीज की गई, तो विरोध और तेज किया जाएगा।
मैनपुरी में भी फिल्म पर विरोध
यूपी के मैनपुरी के बरनाहल में भी फिल्म को लेकर विरोध सामने आया है। यादव महासभा ने फिल्म में यादव समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार यादव महासभा के युवा जिलाध्यक्ष इंजीनियर शुभम यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में यादव समुदाय को आपत्तिजनक ढंग से दिखाया गया है। यादव महासभा की ओर से आरोप लगाया गया है कि इससे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में रोष है।
यादव महासभा ने मांग की है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इससे पहले हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर बड़ा विवाद यूपी में देखने को मिला था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने फिल्म के टाइटल पर फिल्म निर्माताओं को फटकार लगाई थी। कोर्ट में इस फिल्म से जुड़े मामले पर सुनवाई गुरुवार को होनी है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट ने भी मामले में फिल्म निर्माताओं को टाइटल बदलने का निर्देश दिया है। फिल्म निर्माताओं ने भी कहा है कि वे फिल्म का शीर्षक बदलेंगे।

