साल 1997 की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘बॉर्डर’ के बहुप्रतीक्षित सीक्वल ‘बॉर्डर 2‘ की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। फिल्म 23 जनवरी को रिलीज होने वाली है लेकिन इससे पहले इसके गानों को लेकर इंटरनेट पर नई बहस छिड़ गई है।
फिल्म में ‘घर कब आओगे’ और ‘ऐ जाते हुए लम्हों’ जैसे मूल गीतों के नए वर्जन का इस्तेमाल किया गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर दर्शक दो खेमे में बंटे नजर आए। एक तरफ वे प्रशंसक जो ओरिजिनल गानों को सुनकर बड़े हुए हैं, वे इन नए प्रयोगों से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ ने वरुण धवन की एक्टिंग और गानों में पुराने वाले जोश की कमी पर भी सवाल उठाए। हालांकि कुछ लोगों ने नए वर्जन को भी बेहतर बताया है।
जावेद अख्तर ने ठुकराया ‘बॉर्डर 2’ का ऑफर
इसी बीच, मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें ‘बॉर्डर 2’ के लिए गीत लिखने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इंडिया टुडे से बातचीत में अख्तर ने वर्तमान संगीत जगत की स्थिति पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मुझसे फिल्म के लिए लिखने को कहा गया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। मुझे लगता है कि यह एक तरह का बौद्धिक और रचनात्मक दिवालियापन है। आपके पास एक पुराना गाना है जो सफल रहा और आप उसमें कुछ जोड़कर उसे फिर से पेश करना चाहते हैं? या तो नए गाने बनाएं या फिर यह स्वीकार कर लें कि आप पुराने स्तर का काम अब नहीं कर सकते।”
‘हकीकत’ फिल्म का दिया उदाहरण
अख्तर ने अपनी बात को और मजबूती से रखने के लिए 1964 की फिल्म ‘हकीकत’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जो बीत गया, उसे वहीं रहने दें। उसे दोबारा बनाने की क्या जरूरत है? जावेद अख्तर ने कहा कि जब ‘बॉर्डर’ बनी थी, तब उससे पहले 1964 की फिल्म ‘हकीकत’ मौजूद थी, जिसके गीत असाधारण थे। लेकिन हमने उनका इस्तेमाल नहीं किया। हमने नए और बिल्कुल अलग गाने लिखे और लोगों ने उन्हें पसंद भी किया। आप फिर से एक फिल्म बना रहे हैं, तो नए गाने बनाइए। अतीत पर क्यों निर्भर हैं? इसका मतलब है कि आपने मान लिया है कि आप अब कुछ नया नहीं कर सकते और सिर्फ पुरानी सफलता के भरोसे जीना चाहते हैं।” उन्होंने मौजूदा म्यूजिक इंडस्ट्री की सोच पर नाराजगी जताई।
जब उनसे पूछा गया कि मेकर्स अक्सर लोगों की पुरानी यादों को भुनाने के लिए गानों को रिक्रिएट करते हैं, तो जावेद अख्तर ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, तो आप अपना नया नॉस्टेल्जिया पैदा कीजिए।
‘बॉर्डर’ के मूल गानों की बात करें तो इसके गीत जावेद अख्तर ने लिखे थे और संगीत अनु मलिक ने तैयार किया था। ‘घर कब आओगे’ और ‘ऐ जाते हुए लम्हों’ जैसे गीतों ने उस दौर में देशभक्ति का एक नया मानक स्थापित किया था। ये गीत कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में देशभक्ति, जुदाई और बलिदान की भावना को बेहद सादगी और असरदार तरीके से सामने रखते थे। इन्हीं गीतों ने ‘बॉर्डर’ को भावनात्मक तौर पर एक अलग ऊंचाई दी और आज भी ये गाने उसी ताकत के साथ याद किए जाते हैं।
वहीं ‘बॉर्डर 2’ में इन्हीं पुराने गीतों को नए अंदाज में दोबारा पेश किया गया है। घर कब आओगे के नए वर्जन के बोल मनोज मुंतशिर शुक्ला ने लिखे हैं। जिसे सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़, अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ ने अपनी-अपनी शैली में गाया है। गीत का ऑडियो वर्जन करीब 11 मिनट का है तो इसका वीडियो वर्जन करीब 4 मिनट रखा गया है।
गणतंत्र दिवस पर रिलीज होगी फिल्म
अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता कर रहे हैं। इस फिल्म में मूल फिल्म के नायक सनी देओल के साथ वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

