वॉशिंगटनः अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में शनिवार शाम व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे। हालांकि सीक्रेट सर्विस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए हमलावर को जवाबी कार्रवाई में मार गिराया और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन इस घटना में एक राहगीर के घायल होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गोलीबारी के बाद पूरे व्हाइट हाउस परिसर को लॉकडाउन कर दिया गया। पत्रकारों, स्टाफ और अधिकारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि एफबीआई, मेट्रोपॉलिटन पुलिस और नेशनल गार्ड समेत कई एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने लगातार गोलियों की आवाज सुनने और भारी सुरक्षा हलचल का जिक्र किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावर पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका था।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब वॉशिंगटन डीसी में हाई-प्रोफाइल इलाकों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। हाल के महीनों में व्हाइट हाउस और उसके आसपास कई सुरक्षा अलर्ट और हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों के दौरान भी इसी तरह की घटना हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी थी, जहां पत्रकारों, सांसदों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
जानिए इस घटना की 10 बड़ी बातें-
1. शनिवार शाम करीब 6 बजे व्हाइट हाउस परिसर के पास 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एन डब्ल्यू इलाके में गोलीबारी हुई। यह इलाका व्हाइट हाउस और आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के बेहद करीब माना जाता है।
2. सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति कुछ समय तक इलाके में चहलकदमी करता रहा और फिर एक सुरक्षा चेकपॉइंट के पास पहुंचकर अपने बैग से हैंडगन निकाल ली। इसके बाद उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
3. रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावर ने कम से कम तीन गोलियां चलाईं। जवाब में सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने तुरंत फायरिंग की। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब 20 से 30 राउंड गोलियां चलीं।
4. जवाबी कार्रवाई में हमलावर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जॉर्ज वॉशिंगटन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में उसे “डाउन” बताया गया था।
5. गोलीबारी में एक आम नागरिक भी घायल हुआ। उसकी हालत को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में उसे गंभीर रूप से घायल बताया गया है। सीक्रेट सर्विस के किसी अधिकारी को चोट नहीं आई।
6. कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 21 वर्षीय नासिरे बेस्ट को हमलावर बताया जा रहा है। बताया गया कि वह पहले भी अधिकारियों की निगरानी में रह चुका था और उसके खिलाफ स्टे-अवे ऑर्डर जारी किया गया था। कोर्ट रिकॉर्ड्स में उसके व्यवहार को असामान्य बताया गया है। एक पुराने मामले में उसने खुद को जेसस क्रिस्ट बताया था और गिरफ्तार होना चाहता था।
7. घटना के समय राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे। इससे करीब दो घंटे पहले उन्होंने ट्रुथ सोशल पर ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर ओवल ऑफिस में काम करने की जानकारी साझा की थी। अधिकारियों ने बताया कि घटना का राष्ट्रपति की सुरक्षा या सरकारी कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा।
8. गोलीबारी के तुरंत बाद पूरे व्हाइट हाउस परिसर को लॉकडाउन कर दिया गया। पत्रकारों और स्टाफ को तेजी से सुरक्षित स्थानों, खासकर प्रेस ब्रीफिंग रूम, में पहुंचाया गया। एबीसी न्यूज की संवाददाता सेलिना वांग ने बताया कि दर्जनों गोलियों जैसी आवाजें सुनाई दीं और लोगों को नीचे झुककर भागना पड़ा।
9. घटनास्थल को पीले सुरक्षा टेप से सील कर दिया गया। जांच एजेंसियों ने सड़क पर दर्जनों ऑरेंज एविडेंस मार्कर लगाए। मौके पर मेडिकल किट, ग्लव्स और इमरजेंसी उपकरण भी देखे गए। एफबीआई, मेट्रोपॉलिटन पुलिस, नेशनल गार्ड और सीक्रेट सर्विस की टीमें कई घंटों तक इलाके में जांच करती रहीं।
10. एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि एफबीआई जांच में सीक्रेट सर्विस की मदद कर रही है। यह घटना हाल के महीनों में वॉशिंगटन डीसी में हाई-प्रोफाइल इलाकों के आसपास बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई है। इससे पहले भी व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आ चुके हैं।
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