कोलकाताः पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के एक दिन बाद रविवार को पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर भी हमले की खबर है।
यह घटना हुगली जिले के चंडीतला पुलिस स्टेशन के बाहर हुई, जहां वह चुनाव बाद गिरफ्तार किए गए टीएमसी कार्यकर्ताओं के समर्थन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। घटना के बाद टीएमसी ने भाजपा पर अपने नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्यभर में लोग टीएमसी नेताओं के खिलाफ अपना आक्रोश जता रहे हैं।
चंडीतला थाने के बाहर हंगामा, कल्याण बनर्जी घायल
हुगली जिले के श्रीरामपुर से लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी जब चंडीतला थाने पहुंचे, तब वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और “चोर-चोर” के नारे लगाए। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके सिर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी। घटना के बाद वह सिर के पीछे कपड़ा लगाए दिखाई दिए।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं अकेला आ रहा था, मेरे साथ कोई नहीं था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाली-गलौज की और ड्यूस बॉल से मेरे सिर पर हमला किया। मेरे सिर से खून निकल रहा है। अब जनता तय करेगी कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जाना सही है या गलत।”
उन्होंने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके विरोध में उन्होंने थाने के बाहर धरना भी दिया।
घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई। अधिकारियों ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में आम लोग टीएमसी नेताओं के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी पर हुआ था हमला
गौरतलब है कि शनिवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके थे। टीएमसी का आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
पार्टी ने इस घटना को डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की हत्या की कोशिश करार दिया था। घटना के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और रातभर छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य को हिरासत में लिया। बाद में पुलिस ने कुल छह लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
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सड़क पर उतरेंगी ममता बनर्जी
टीएमसी प्रमुख और पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने दोनों घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पर हमला सुनियोजित था और उनके इलाज में भी बाधा डालने की कोशिश की गई।
ममता बनर्जी ने कहा कि अब लोगों को इलाज तक नहीं मिलने दिया जा रहा है। अस्पतालों पर दबाव डाला जा रहा है। अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी मौके पर ही मौत हो सकती थी।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह 2 जून से सड़कों पर उतरेंगी और कोलकाता के मध्य क्षेत्र में एक विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कई विपक्षी नेताओं ने निंदा की है। टीएमसी के अनुसार, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी ममता बनर्जी से फोन पर बात कर घटना पर चिंता जताई और जरूरत पड़ने पर पश्चिम बंगाल के बाहर इलाज की व्यवस्था में सहयोग का आश्वासन दिया। हालांकि भाजपा ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उसका इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी ने राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की है।

