नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने एक महीने तक चले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक्सरसाइज (SIR) के बाद पश्चिम बंगाल के लिए मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) जारी कर दी है। मंगलवार को जारी इस लिस्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। माना जा रहा है कि अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जारी की गई लिस्ट को लेकर राज्य में एक बड़ी राजनीतिक बहस शुरू हो सकती है।
चुनाव आयोग के मुताबिक वोटर आयोग की वेबसाइट और सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के जरिए यह चेक कर सकते हैं कि उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है या नहीं। इसके अलावा लोग अपने क्षेत्र में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के जरिए भी अपना नाम लिस्ट में होने या नहीं होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आखिर कैसे आप अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं, या जिनके नाम डिलीट हुए हैं, उनके पास क्या अब विकल्प हैं…आइए इन सबसे जुड़ी 5 अहम बातों को जानते हैं।
- ड्राफ्ट रोल में कैसे चेक करें अपना नाम?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, वोटर अपना नाम इन लिंक
https://electoralsearch.eci.gov.in/
https://ceowestbengal.wb.gov.in/asd_sir
पर देख सकते हैं। इसके अलावा वोटर चुनाव आयोग के एप्लीकेशन ECINET का इस्तेमाल करके भी अपना नाम सर्च कर सकते हैं। ड्राफ्ट रोल पब्लिश होने के बाद चुनाव आयोग ने BLO को दिन के समय अपने-अपने बूथ पर बैठने का निर्देश भी दिया है ताकि मतदाता जाकर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकें।
- लिस्ट से डिलीट हुए नाम में किस तरह के वोटर?
ड्राफ्ट रोल में शामिल नामों के अलावा, आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की लिस्ट भी प्रकाशित की है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, कुल 58,08,232 एन्यूमरेशन फॉर्म BLO एप्लीकेशन पर अपलोड नहीं किए गए। इनमें से 24,18,699 मृत वोटरों के हैं, 12,01,462 ऐसे वोटरों के हैं जिनका पता नहीं चल पाया, 19,93,087 ऐसे वोटरों के हैं जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं, 1,37,475 ऐसे वोटरों के हैं जिनका नाम कई जगहों पर दर्ज है, और 57,509 अन्य कैटेगरी में आते हैं।
- किनके मामलों को दोबारा सुनेगा चुनाव आयोग?
ECI सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की 2025 की वोटर लिस्ट में 7.66 करोड़ वोटर हैं। इनमें से लगभग 58 लाख फॉर्म जमा नहीं किए गए, जबकि लगभग 30 लाख वोटरों की मैपिंग नहीं हुई है। बाकी बचे मतदाताओं में से 2.93 करोड़ मतदाताओं की सेल्फ-मैपिंग हुई है, और 3.84 करोड़ मतदाताओं की प्रोजेनी मैपिंग (वंशावली विश्लेषण) हुई है।
प्रोजेनिक मैपिंग उन वोटरों पर लागू होती है जिनके नाम 2002 की SIR वोटर लिस्ट में नहीं थे, लेकिन वे खून के रिश्तों जैसे पिता, माता, दादा, दादी या दूसरे खून के रिश्तेदारों से जुड़े हुए हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कोई खास निशान नहीं होगा जिससे पता चले कि किन वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। चुनाव आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उन नामों को मार्क नहीं करेंगे जो सुनवाई के लिए योग्य हैं या जिनकी एन्यूमरेशन फॉर्म में दी जानकारी संदिग्ध है।’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग एक नोटिस के जरिए उन वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाएगा। ये नोटिस ऑटो-जेनरेटेड होंगे। नोटिस मतदाता के घर पर भेजा जाएगा, और उसमें तारीख, समय और जगह बताई जाएगी, जहां वोटर को अपने डॉक्यूमेंट्स दिखाने के लिए जाना होगा।’
- कहां होगी मामलों की सुनवाई?
चुनाव आयोग के अनुसार ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) और सब-डिविजनल ऑफिस (SDO) हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए सुनवाई केंद्र के तौर पर काम करेंगे। हर निर्वाचन क्षेत्र में सुनवाई के लिए एक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसर (ERO) और दस असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसर (AERO) तैनात किए जाएंगे।
चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, अगले साल 7 फरवरी तक सुनवाई जारी रहेगी, जिसके बाद 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की जाएगी।
एक अधिकारी के अनुसार, ‘शुरू में यह तय किया गया था कि हर दिन 50 सुनवाई होंगी। सुनवाई की अब बड़ी संख्या को देखते हुए, कमीशन ने फैसला किया है कि 7 फरवरी तक प्रोसेस पूरा करने के लिए हर दिन कम से कम 100 सुनवाई की जाएंगी।’
- ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम नहीं है तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूट गया है, तो उसे फॉर्म नंबर 6 लेना चाहिए। संबंधित व्यक्ति को BLO से ये फॉर्म मिल सकता है और उसे एनेक्सर फॉर्म नंबर 4 के साथ भरकर जमा करना चाहिए। फॉर्म के साथ एड्रेस प्रूफ और बर्थ सर्टिफिकेट डॉक्यूमेंट भी जमा करने होंगे। 16 दिसंबर से, ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद वोटर लिस्ट में नाम हटाने, सुधार करने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो रही है। वोटर अब इसके अनुसार अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

